मुकेश वर्मा
हरिद्वार। अर्द्धकम्भ मेला-2027 को कुंभ मेले की तर्ज पर दिव्य व भव्य मनाये जाने के सम्बंध में शुक्रवार को डाम कोठी के समीप गंगा तट पर सरकार की ओर से अखिल भारतीय अखाडा परिषद के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गयी थी। जिसको लेकर कुछ आश्रमों के संतों ने अर्द्धकुंभ मेले के सम्बंध में सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में आश्रम धारी/ स्थान धारी संतों की पूरी उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की है।
आश्रम धारी / स्थान धारी संतों का कहना हैं कि सरकार ने केवल अखाडा परिषद के पदाधिकारियों को ही अर्द्धकुम्भ मेले के सदर्भ में बुलाई गयी बैठक में बुलाया गया, अन्य संतों की उपेक्षा की गयी। जिसको लेकर आश्रम धारी/ स्थान धारी संतों ने आज देवपुरा स्थित भारत सेवा आश्रम में बैठक कर अपनी नारागी व्यक्त की है। बैठक में मौजूद सभी संतों ने अखिल भारतीय आश्रम परिषद के शीघ्र गठन पर अपनी सहमति जताई है। जिसके लिए संतों ने पांच प्रतिनिधि सदस्यों के नियुक्त करने की बात कही है।
बता दें कि अर्द्धकुम्भ मेला-2027 के सम्बंध में बुलाई गयी बैठक में सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत शासन-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे थे। अखाडा परिषद के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद सीएम द्वारा अर्द्धकम्भ मेला-2027 को कुंभ मेले की तर्ज पर दिव्य व भव्य मनाने घोषणा करते हुए स्नान तिथियों भी घोषित की गई थी। सीएम की घोषणा का अखाडा परिषद ने स्वागत करते हुए समर्थन किया था।
