कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास में कराया दखिला
बेटी को छात्रावास में दाखिला दिलाने पर मां ने किया आभार
फाउंडेशन गरीब महिला की समय-समय पर करेगा आर्थिक मदद
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। मनु मन की आवाज फाउंडेशन की संस्थापिका डॉं. मनु शिवपुरी ने एक बच्ची के भविष्य को सार्थक बनाने की पहल करते हुए उसको शिक्षित बनाने का बीड़ा उठाते हुए बालिका को अपनी टीम के सार्थक प्रयास के चलते छात्रावास में दाखिला दिला पाने में सफल हुई है। जहां पर बालिका को कक्षा 12 तक निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ उसके रहने व खाने की भी व्यवस्था की गयी है। बेटी के भविष्य को साकार होता देख मां भावुक होकर फाउंडेशन का आभार व्यक्त करते नहीं थक रही। वहीं फाउंडेशन की संस्थापिका भी अपने इस प्रयास के लिए पूरी टीम का योगदान मान रही है।
मनु मन की आवाज फाउंडेशन की संस्थापिका डॉं. मनु शिवपुरी ने बताया कि एक 10 साल की बालिका जोकि बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है। जिसके पिता की देहात उसके बचपन काल में हो गया था। जिसकारण घर और उसके परवरिश की जिम्मेदारी मां पर आ गयी। गरीब व पढी लिखी ना होने के कारण परिवार को चलाना और बेटी के भविष्य बनाना मां के लिए एक विशाल चट्टान पर भारी बोझ लेकर चढ़ने से कम नहीं था। मां ने घर चलाने के लिए लोगों के घरों में चौका बर्तन कर दो जून की रोटी का इंतजाम तो कर लिया।
उन्होंने बताया कि मां के लिए बेटी को शिक्षित बनाने के लिए स्कूल के भारी फीस व कापी-किताबों को खर्च निकाल पाना सम्भव नहीं हो पाया। जिसकारण बेटी दिन पर दिन बड़ी होती गयी और बेटी ने 10 साल की दहलीज पर कदम रखा दिया। उनकी मुलाकात महिला से इस्तफाक हो गयी, जोकि काफी मायूस व कमजोर नजर आयी। जिससे चेहरे पर उनकी परेशानी साफ झलक रही थी, महिला से उसकी परेशानी का कारण पूछा तो महिला ने अपने मन की बात को आसूंओें की धाराओं के साथ बहा दिया।
डॉ. मनु शिवपुरी ने बताया कि महिला को उन्होंने मदद करने का भरोसा दिलाया और उसकी बेटी को शिक्षित बनाने का बीड़ा उठाते हुए बालिका को ऐसे स्कूल में दाखिल कराने का प्रयास शुरू कर दिया। जहां पर बालिका को सुरक्षा के साथ निःशुल्क शिक्षा भी मिले और उसके रहने व खाने की व्यवस्था भी हो जाए। उन्होंने अपनी टीम के साथ बालिका के भविष्य को साकार करने तथा गरीब परिवार की आर्थिक तौर पर मदद करने का प्रयास शुरू कर दिया।
उन्होंने अपनी टीम के प्रयास से बालिका को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास रानीमाजरा में दाखिला कराने में सफलता हासिल की है। जहां पर बालिका को सुरक्षा के साथ उसके निःशुल्क शिक्षा और रहने व खाने-पीने की व्यवस्था हो गयी। बेटी के भविष्य को साकार होता देख बालिका की मां ने फाउंडेशन का आभार जताया है। जिसने कहा कि उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि राह चलते कोई उनकी मददगार भी मिल जाएगा जोकि ना केवल बेटी के भविष्य को साकार करेगा, बल्कि उसके घरेलु चीजों की जरूरत को भी पूरा कर देगा।
फाउंडेशन संस्थापिका ने बताया कि बालिका के छात्रावास में जाने से पूर्व उसके कपड़ो से लेकर जरूरत की चीजों को भी फाउंडेशन की ओर से आपूर्ति कराई गयी है। उनका प्रयास रहेगा कि महिला की माली हालत देखते हुए उसको भी घरेलु चीजों को उपलब्ध कराया जाए। इस पुनीत कार्य के लिए उन्होंने अपनी टीम के सदस्यों इंजीनियर अर्क शर्मा, मधुरमोहन शर्मा, सीए मृणालि शर्मा, संजीव बालियान, अधिवक्ता पुनीत कंसल, आकाश भारद्वाज, दिव्यांश शर्मा आदि का भी इस पुनीत कार्य में सहयोग देने के लिए धन्यवाद देते हुए इस कार्य में मदद करने के लिए अविनाश भदौरिया का आभार जताया है।
