पुलिस ने किया हत्यारोपी प्रेमी को यूपी से गिरफ्रतार
पिछले 4 सालों से थे दोनों लिव-इन-रिलेशन में
दोनों के परिवारों को थी सम्बंधों की जानकारी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। कृष्णा की हत्या उसके प्रेमी ने अन्य किसी से अवैध सम्बंध होने के शक पर नाले में सिर डूबाकर की थी। जिसका खुलासा हत्यारोपी ने गिरफ्रतारी के बाद पुलिसियां पूछताछ दौरान किया। हत्यारोपी पिछले चार सालों से कृष्णा के साथ लिव-इन-रिलेशन में सिडकुल में किराये के कमरे में रह रहा था। कृष्णा अपनी चार बेटियों के साथ सिडकुल में रहकर फैक्ट्री में काम करती थी। जबकि हत्यारोपी दीपक एम्बुलेंस चलाक था। कृष्णा की हत्या के बाद दीपक विभिन्न राज्यों में पुलिस से छुपता फिर रहा था। जिसने अपना सिम बंद कर नया सिम इस्तेमाल कर रहा था।
पुलिस और सीआईयू की सयुंक्त टीम ने हत्यारोपी को सूचना के आधार पर गिरफ्रतार कर लिया। पुलिस ने हत्यारोपी को दर्ज मुकदमें में निरूद्ध करते हुए मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा रहा है। हत्या का खुलासा एसएसपी अजय सिंह ने सोमवार को रोशनाबाद पुलिस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान किया।

उन्होंने बताया कि कोतवाली रानीपुर पुलिस ने 17 जनवरी की सुबह गैस प्लांट चैकी के सरकारी आवास के पीछे नाले में एम महिला का शव बरामद किया था। जिसकी पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने मृतका के पास से एक बादामी कलर का पर्स बरामद किया था, जिसमें एक सैमसंग मोबाइल व एक कम्पनी का जाॅब कार्ड जिसपर कृष्णा नाम अंकित मिला था। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाते हुए मृतका की पहचान के प्रयास तेज कर दिये है। पुलिस मिले मोबाइल से डेटा निकाल कर उसको खंगालने तथा मिले कम्पनी के जाॅब कार्ड के जरिये मृतका की पहचान लगाने में जुटीं थी।
उन्होंने बताया कि इसी दौरान एक युवती ने कोतवाली रानीपुर पहुंचकर मोबाइल पर शव की शिनाख्त अपनी लापता मां कृष्णा पत्नी वीर सिंह उम्र 35 वर्ष मूल निवासी कुडलीखेड़ा चांदचक बिहारीगढ सहारनपुर यूपी हाल ब्रहा्रपुरी सिडकुल हरिद्वार के रूप में की। मृतका की बेटी ने मां की हत्या का आरोप उनके साथ रहने वाले गांव के दीपक नाम के व्यक्ति जोकि एम्बुलेंस चालक पर लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस हत्यारोपी की तलाश में जुट गयी।
एसएसपी ने बताया कि हत्यारोपी को दबोचने के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया। जिसमें सीआईयू टीम को भी शामिल किया गया। पुलिस की एक टीम हत्यारोपी को दबोचने के लिए उसके सम्भावित ठिकानों समेत उसके घर पर भी छापेमारी की गयी। लेकिन हत्यारोपी फरार मिला। हत्यारोपी ने अपना मोबाइल भी बंद कर दिया, जिसकारण उस तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम को काफी मशकत उठानी पड़ रही थी।
कप्तान ने बताया कि पुलिस ने हत्यारोपी को दबोचने के लिए मुखबिरों की भी मदद लेते हुए तलाश में जुटी रही। पुलिस टीम ने हत्यारोपी के सम्पर्क रखने वाले लोगों व परिजनों से भी लम्बी पूछताछ की गयी, लेकिन उसके बावजूद पुलिस को सफलता नहीं मिली। पुलिस टीम ने रविवार को सूचना पर हत्यारोपी दीपक पुत्र जितेन्द्र निवासी ग्राम कुरडी खेडा चाणचक थाना बिहारीगढ सहारनपुर को दबोच लिया। जिसको हरिद्वार लाकर पूछताछ की गयी।
पूछताछ के दौरान हत्यारोपी ने खुलासा किया कि वह मृतका कृष्णा के साथ करीब 4 साल से ब्रह्मपुरी में रह रहा था और दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे, लेकिन कृष्णा ने करीब 15-20 दिन से उससे बातचीत बंद कर दी थी और उसका नम्बर भी ब्लाॅक कर दिया था। जिसपर उसको शक हुआ कि कृष्णा का संबंध किसी ओर से भी है और कृष्णा उसके साथ नहीं रहना चाहती है। जिस पर वह सुबह कृष्णा के कमरे में पहुंचा और उसको फोन दिखाने के बोला, कृष्णा के फोन पर उसको दूसरा सिम मिला। जिसको लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था।
एसएसपी ने बताया कि हत्यारोपी ने स्वीकार किया कि उसी दिन रात को कृष्णा की कंपनी लेकर आया और चैकी गैस प्लांट के पीछे दोनों के बीच दोबारा से सुबह वाली बात को लेकर झगडा हो गया। उसने गुस्से में आकर कृष्णा को नाली गिराकर उसका सिर नाली के पानी में दबाकर उसकी हत्या कर फरार हो गया। पुलिस ने हत्यारोपी को दर्ज मुकदमें में निरूद्ध करते हुए मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
प्रेसवार्ता के दौरान एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार, क्राइम एसपी श्रीमती रेखा यादव, कोतवाली रानीपुर प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह बिष्ट, सीआईयू हरिद्वार प्रभारी रणजीत तोमर आदि मौजूद रहे।
