युवकों को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के नाम पर मांगी थी रकम
पीड़ित परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने किया दो पर मुकदमा
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। दोस्त की हत्या के शक में कोतवाली नगर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गये तीन युवकों को छुड़ाने के एवज़ में पुलिस के नाम पर परिजनों से साढ़ छह लाख की डिमांड करने का सनसनीखेज़ मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि मामला एडीजे लाॅ एण्ड आर्डर के संज्ञान में आने के बाद युवकों को छोड़ने की बात कही जा रही है। जबकि पुलिस युवकों को पूछताछ के बाद खुद छोड़ने की बात कह रही है। पीड़ित परिजनों ने पुलिस के नाम पर फोन पर लगातार दबाब बनाकर पैसों की डिमांड पूरी करने व युवकों को घर से फिर दोबारा उठाने की धमकी देने वाले दो के खिलाफ कोतवाली नगर में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले को गम्भीरता से लेते हुए आरोपियों के मोबाइल नम्बर का लेखा जोखा खंगालते हुए मामले की जांच में जुट गयी है।
कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि चार दोस्त निवासी गांव रजोकरी नई दिल्ली से गंगा स्नान करने के लिए हरिद्वार आए थे। जिनमें एक युवक रोडीबेल वाला क्षेत्र में स्नान के दौरान 11 अगस्त को गंगा में डूब गया। लेकिन उसके तीन दोस्त घटना की सूचना पुलिस व परिजनों को दिये बिना ही वापस घर लौट गये। पुलिस ने 12 अगस्त को डूबे युवक का शव केशव घाट से बरामद किया था। जिसकी पहचान बंसी यादव पुत्र विक्रम सिंह यादव उम्र 42 वर्ष निवासी राज कोरी बसंत कुंज दिल्ली के रूप में हुई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजनों के सुपूर्द कर दिया था। मृतक के परिजनों ने दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया था। जिसपर पुलिस ने तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी और घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। सीसीटीवी कैमरें में भी युवक स्नान के दौरान डूबता देखा गया। घटना में तीनों दोस्तों का उसकी हत्या के कोई प्रमाण नहीं मिलने पर उनको छोड़ दिया गया।
उन्होंने बताया कि इसी मामले को लेकर राजकुमार पुत्र जगमाल सिंह, आनन्दपाल पुत्र प्रेम सिंह, राजेन्द्र पुत्र बलराम, उर्मिला देवी पत्नी राजेन्द्र और सावित्री देवी पत्नी महेन्द्र सिह निवासीगण गांव रजोकरी नई दिल्ली ने कोतवाली नगर में तहरीर देते हुए शिकायत की हैं कि जब पुलिस ने तीनों युवकों को हिरासत में लिया गया था, उसी दौरान 13 अगस्त से ब्रिजेश नाम का शख्स उनसे मोबाइल के जरिये राज कुमार से सम्पर्क में रहकर तीनों युवकों को छुड़ाने के एवज में परिजनों से पुलिस के नाम पर साढ़े छह लाख की डिमांड करते हुए दबाव बनाये हुए था। तीनों युवकों के परिजन राजकुमार, आंनद कुमार, राजेन्द्र कुमार जब 19 अगस्त की शाम को हरिद्वार पहुंचे तो गजेन्द्र नाम शख्स उनसे मिला, जिसने खर्च के नाम से तीनों के परिजनों से 12-12 हजार लिए। जब परिजनों ने गजेन्द्र से पूछा कि पैसे कैसे देने है, तब उसने कहा कि वह भाई साहब यानि ब्रिजेश से पूछकर अकांउट नम्बर दे देगा। तीनों के वापस लौट जाने के बाद 20 अगस्त को उनके मोबाइल पर फोन पर पहले साढ़े चार लाख रूपये 1 बजे तक अकांउट में डाल देने की बात कही गयी।
राजकुमार ने घटनाक्रम की पूरी जानकारी देहरादून निवासी अपने मित्र जय प्रकाश तिवारी को दी। बताया जा रहा है कि जिनके द्वारा पूरा मामला एडीजी लाॅ एण्ड आर्डर के संज्ञान में लाया गया। जिसके बाद उनके हस्तक्षेप पर तीनों को छोड़ दिया गया। उसके बाद भी ब्रिजेश द्वारा फोन पर पैसों की डिमांड करते हुए दोबारा तीनों लड़कों को गांव से उठवा लेने की धमकी देते हुए बोल रहा है कि उनको साढ़े छह लाख की जगह फिर 13 लाख देने पड़ेंगें। पुलिस ने पीड़ित परिवारों की तहरीर पर ब्रिजेश और गजेन्द्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने डिमांड व धमकी देने वाले मोबाइल नम्बर का लेखा जोखा खंगालाते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि ब्रिजेश दिल्ली का ही रहने वाला हैं जबकि गजेन्द्र श्यामपुर थाना क्षेत्र का निवासी है। जिनकी तलाश की जा रही है।
