आरोपी किशोर ने नहर में डूबे दोस्त की जानकारी थी छुपाई
लीना बनौधा
हरिद्वार। दोस्त के नहर में डूबने से मृत्यु हो जाने की सूचना उसके घरवालों को ना देना युवक को भारी पड़ गया है । तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश भारत भूषण पांडेय ने युवक को साक्ष्य छुपाने का दोषी पाते हुए उसे जेल में बिताई अवधि एवं 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता कुशलपाल सिंह चौहान ने बताया कि कनखल थाना क्षेत्र में रहने वाले अमन पुत्र श्रवण को 21 फरवरी 2018 को दोपहर 12 बजे के दोस्त रविंद्र कश्यप एवं सचिन अपने साथ लेकर गए थे उसके बाद से अमन कश्यप अपने घर वापस नहीं लौटा था। शाम को सचिन एवं रविंदर ने अमन कश्यप के घर पर जाकर बताया था कि हमने अमन को कनखल चौक बाजार में ही छोड़ दिया था और के पास हमारे मोबाइल फोन भी हैं जो अब बंद आ रहे हैं। सूचना मिलने के बाद अमन कश्यप के पिता ने कनखल थाने पर अमन कश्यप के गुम होने की सूचना दी थी। उसके बाद 27 फरवरी 2018 को अमन की लाश गंग नहर में मधुर झाल से बरामद हुई थी उसके बाद पूछताछ करने पर सचिन व रविंद्र ने पुलिस को बताया था कि 21 फरवरी 2018 को दोपहर 3 बजे करीब रुड़की से वापस लौटते समय सचिन गंग नहर में नहाने गया तो नहर में डूबने लगा था। जिस पर रविंद्र कश्यप ने उसे बचाया था, परंतु अमन कश्यप ने उसे बचाने का प्रयास नहीं किया था इसलिए गुस्से में सचिन ने अमन को नहर में धक्का दे दिया था। इससे पहले की वे अमन को बचा पाते वह डूब चुका था। पुलिस ने तीनों को एक मोटरसाइकिल पर जाते हुए देखे जाने की सीसीटीवी फुटेज भी न्यायालय में प्रस्तुत की थी आरोपी रविंद्र कश्यप के खिलाफ सत्र न्यायालय में मुकदमा चला जबकि सचिन के नाबालिग होने के कारण उसके खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड में मुकदमा लंबित है आरोपी रविंद्र कश्यप के खिलाफ लंबित मुकदमे में वादी पक्ष की ओर से तेरह गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने रविंद्र कश्यप को साक्ष्य छुपाने का दोषी पाते हुए उसे जेल में बिताई अवधि और 10000 जुर्माने की सजा सुनाई है।
