■कई मजबूर छोटे-मझले दुकानदार व गरीब-गुरबा फाइनेंस के जाल में फंसे
■फाइनेंसर 10-15 प्रतिशत ब्याज प्रतिमाह वसूल रहा ■लोगों पर ली गई रकम खड़ी की खड़ी
■ब्याज न देने पर खान के गुर्गे दिखाते हैं गुण्डाई, मक्कड़ जाल में फंसे लोग तिल-तिल मरने को मजबूर
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। फाइनेंसर खान के मक्कड़ जाल में फंसने के बाद बाहर निकलना मुश्किल ही नहीं, बल्कि नामुमकिन है। पंचपुरी के ना जाने ऐसे कितने मजबूर लोग जिनमें छोटे-मझले दुकानदार व गरीब-गुरबा परिवार के लोग शामिल है। जिन्होने अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते मजबूरन फाइनेंसर खान से कुछ समय के लिए कुछ पैसा ब्याज पर लिया था। पंचपुरी में एक कहावत आम प्रचलित हैं कि जो बार फाइनेंसर खान के जाल में फंसा तो वह बाहर नहीं निकल पाया। गरीबों की स्थिति यह हो रही हैं कि फाइनेंसर खान के मक्कड़ जाल में फंसा व्यक्ति को तिल-तिल मरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बताया जा रहा हैं कि फाइनेंसर खान द्वारा अपने कब्जे में रखे गये मजबूर व्यक्ति के दस्तावेजो को ढाल बनाकर उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर हर माह 10 से 15 प्रतिशत ब्याज वसूला जा रहा है। जिसके चलते फाइनेंसर खान दिये गये पैसो से कई गुना ब्याज वसूल चुका है। उसके बावजूद भी उसकी लेनदारी अभी भी खड़ी की खड़ी है। आरोप हैं कि फाइनेसर को कुछ सफेद पोश लोगो व नेताओं का संरक्षण भी प्राप्त है। तभी तो उसके खिलाफ पीडित शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। आरोप तो यह भी हैं अगर हर माह ब्याज ना मिले तो उसके गुर्गे गुण्डाई दिखाने से बाज नहीं आ आते। पंचपुरी में फाइनेंसर खान का खौफ उसके जाल में फंसे गरीब लोगों में साफ देखा जा सकता है।
जीहां हम आप को एक ऐसे फाइनेंसर खान के मक्कड़ जाल से रूबरू कराने जा रहे है। जिसकी मुठ्ठी में पंचपुरी के ऐसे मजबूर छोटे-मझोल दुकानदार व गरीब-गुराबा लोग है। जिन्होने कभी अपनी आर्थिक स्थिति के चलते फाइनेंसर खान से कुछ पैसा ब्याज पर लिया था। लेकिन फाइनेंसर खान के जाल में एक बार जो फंस गया, उसका फाइनेंसर खान के मक्कड़ जाल से बाहर निकलना मुश्किल ही नहीं, बल्कि नामुमकिन साबित हो रहा है।
बताया जा रहा हैं कि फाइनेेंसर खान लोगों को पैसा ब्याज पर देते हुए उनकी फाइल तैयार करता है। पैसा लेने वाले लोगों के आधार कार्ड, 100 रूपये के कोरे स्टॉप पेपर पर हस्ताक्षर, 04 ब्लेक चेक, एक फोटो लेता हैं और फाइल के चार्ज के तौर पर एक हजार रूपये भी वसूलता है। बताया जा रहा हैं कि फाइनेंसर खान दी गयी रकम पर 10 से 15 प्रतिशत तक ब्याज हर माह वसूलता है। ब्याज प्रतिशत इतना अधिक होता हैं कि लोग ली गयी रकम का ब्याज देते रहने से सालो गुजर जाते हैं और फाइनेंसर से ली गयी रकम कई गुना देने के बाद भी ली गयी रकम ज्यू की त्यो खड़ी रहती है।
आरोप हैं कि शुरूआत में फाइनेेंसर पैसा लेने वालों को ब्याज की प्रतिशत राशि के सम्बंध में गुमराह कर उनको सही जानकारी ना देकर उनको अपने जाल में लेता है। लेकिन जब फाइल तैयार को चुकी होती हैं और बाद में लोगों को सही जानकारी पता चलती हैं तो बहुत देर हो चुकी होती है। फाइनेंसर खान के मक्कड़ जाल फंसे लोग आज तिल-तिल मरने के लिए मजबूर है।
