कॉलेज के कार्मिकों के आगे आर्थिक संकट गहराया
ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज कर्मचारी संघ ने दी चेतावनी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने विश्व विद्यालय कार्मिकों के वेतन भुगतान के लिए ऋषिकुल परिसर में भ्रमण पर उपस्थित कुल सचिव डॉ. अनुप कुमार से मौखिक वार्ता की। वार्ता में वेतन भुगतान को लेकर सुलभ व संतोष जनक प्रतिक्रिया ना मिलने पर कार्मिकों ने आक्रोशित होकर परिसर निदेशक डॉक्टर डीसी सिंह को कुलपति व कुल सचिव को सम्बोंधित ज्ञापन सौपा। आक्रोशित कार्मिकों ने चिकित्सालय में नारेबाजी की और आंदोलन के परिपेक्ष में विचार विमर्श किया।
संघ की उपाध्यक्षा श्रीमती आनंदी शर्मा व सुनीता चंद तिवारी ने संयुक्त रूप से कहा कि विश्व विद्यालय प्रशासन ने कार्मिकों के वेतन व अन्य मांगो को निर्धारित समय में निस्तारित करने के लिए लिखित रूप से आश्वस्त किया था, किंतु चार माह बीत जाने के बाद भी विश्व विद्यालय की स्थिति कार्मिकों के प्रति जस की तस बनी हुई है। संघ के अध्यक्ष खीमानंद भट्ट, चंदन सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से कहा कि दीपावली का त्यौहार निकट है, इस समय में कार्मिकों का वेतन भुगतान न होना बहुत ही शर्मनाक विषय है, वेतन भुगतान नहीं होने से कार्मिक आर्थिक तंगी का शिकार हो रहे हैं। विश्व विद्यालय प्रशासन अपनी हठ धर्मिता अपनाए हुए है, जो कार्मिकों के लिए दुर्भाग्य का विषय है।
संघ के वरिष्ट सदस्य समीर पांडेय व ऑडिट मोहित मनोचा ने कहा कि विश्व विद्यालय प्रशासन लगातर कार्मिकों को गुमराह कर रहा है। प्रत्येक त्यौहारों पर वेतन के लिए कार्मिकों को विश्व विद्यालय के सामने गिड़गिड़ाना पड़ता है लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की कान में जूं तक नहीं रेंगती, जल्द ही वेतन भुगतान नहीं हुआ तो कार्मिक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्व विद्यालय प्रशासन की होगी।
कोषाध्यक्ष अनिल सिंह नेगी व व मनोज कुमार पोखरियाल ने कहा कि शासन द्वारा ऋषिकुल, गुरुकुल कालेजों को विश्व विद्यालय प्रशासन के नियंत्रण में लाने से लगातार कर्मचारी लगातार परेशान ही रहा है। राज्य कार्मिकों का विश्व विद्यालय में आना सबसे बड़ी भूल थी, अब इसका परिणाम भुगतना पड़ रहा है। यदि समय रहते कार्मिकों की मांगो का निस्तारण नहीं होता तो सभी कार्मिक आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। चीफ फार्मासिस्ट संध्या रतूड़ी व नेहा कंडवाल ने संयुक्त रूप से कहा कि विश्व विद्यालय प्रशासन की वेतन भुगतान को लेकर हठ धर्मिता कार्मिक को और अधिक आक्रोशित कर रही है, जल्द ही समस्याओं का निवारण नहीं हुआ तो आगामी समय में कर्मचारी विश्व विद्यालय में तालाबंदी करेगें। जिसके लिए विश्व विद्यालय प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।
ज्ञापन देने में अशोक चंद्रा, अमित, प्रवीन पुरोहित, शिखा नेगी, दीपक कुमार, दिनेश, नितिन, विनोद,दीपक, ज्योति सिंह, मधु राणा, ममता बिष्ट, प्रमोद कुमार, दिलबर सिंह आदि उपस्थित रहे।
