

जनपद में ग्रामीणों इलाकों के जंगलों में धधक रही कच्ची शराब की भट्टियां
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। जहरीली कच्ची शराब पीने से करीब दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत ने आबकारी विभाग व शराब माफियों के गठजोड होने के सकेंत दे दिये है। घटना ने साबित कर दिया हैं कि जनपद पर अवैध् कच्ची शराब का कारोबार बिना किसी रोक टोक कर फल फूल रहा है। जिसपर आबकारी विभाग कोई लगाम नहीं लगा पा रहा है। इस घटना ने आबकारी विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगने लगे है। भगवानपुर थाना क्षेत्र के गांव की घटना ने जिला प्रशासन सहित शासन को भी हिला कर रख दिया। जहरीली शराब पीने से एक दर्जन लोगों की मौत का आकंडा शनिवार को बढ कर दो दर्जन पार कर गया। प्रशाासन की ओर से 21 लोगों की मौत की पुष्टि की गयी है। लेकिन स्थानीय लोगों की माने तो मौत का आकंडा कई अधिक है। जिनमें अभी भी कई लोग बेहोशी की हालत में अस्पतालों में उपचाराधिन है। जिन की हालत क्या करवट लेती हैं यह तो कहा नहीं जा सकता, हां मगर अवैध् कच्ची शराब के कारोबार ने प्रशासन-शासन के होश जरूर उडा दिये है। भले की अपर आबकारी आयुक्त ने घटना पर गम्भीरता दिखाते हुए आबकारी निरीक्षक सहित 13 कर्मियों को निलम्बित कर दिया हो। मगर घटना ने यह साबित कर दिया हैं कि कही ना कही कच्ची शराब भट्टी संचालित करने वाले माफियाओं और आबकारी विभाग के अधिकारियों में गठजोड जरूर है। तभी तो लम्बे समय से क्षेत्र में कच्ची शराब बनाने का कारोबार संचालित किया जा रहा था। इस बात का खुलासा खुद उन ग्रामीणों ने डीएम के सामने किया हैं, जिन गांवों के लोग बेमौत मरे है। बता दे कि शराब का अवैध् करोबार केवल आबकारी विभाग की सलिप्ता से ही संचालित नहीं होता, बल्कि कही ना कही पुलिस की गठजोड भी इस का हिस्सा बनाता है। एसएसपी जन्मेजय खण्डूरी ने भी घटना को गम्भीरता से लेते हुए झबरेडा थाना एसओ और इकबालपुर चैकी प्रभारी को निलंम्बित किया है। डीएम दीपक रावत ने घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश देते हुए अपर जिलाधिकारी को सौंपी है। जोकि अपनी जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में पूर्ण कर डीएम को सौपेगें। बता देें कि बीते दिन भगवानपुर थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में तेहरवीं थी, जिसमें हिस्सा लेने के लिए आसपास गांवों बालुपुर, बिन्दुखडक, भलस्वागाज व जहाजगढ सहित यूपी से सटे गांवों के लोग भी शामिल हुए। बताया जा रहा हैं कि तेहरवीं में पहुंचे लोगों को कच्ची शराब परोसी गयी। जिसको पीने के बाद रात से ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और मौत का सिलसिला शुरू हो गया। जोकि सुबह तक जारी रहा, इस बात की जानकारी लगते ही गांवों में अफरा-तफरी मच गयी। बताया जा रहा हैं कि एक दर्जन लोगों की मौत हो गयी और कई ग्रामीणों को उपचार के लिए निजी व सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या शनिवार को 21 लोगों की मौत की पुष्टि भले की प्रशासन ने की है। लेकिन अपुष्ट जानकारी के अनुसार प्रशासन द्वारा जारी किये गये मरने वालों का आकंडा कई अधिक है। लेकिन मरने वालों की लिस्ट में वह लोग शामिल नहीं हैं जो यूपी के सहारनपुर के आसपास के गांवों से थे। बताया जा रहा हैं कि सहारनपुर जनपद के कई गांवों के लोगों की भी करीब एक दर्जन से अध्कि की मौतों की बात कही जा रही है। लेकिन इस की अध्किारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं कच्ची शराब बनाने का कारोबार केवल भगवानपुर थाना क्षेत्र में ही संचालित हो रहा है। बल्कि पथरी थाना क्षेत्र में भी कच्ची शराब बनाने की भट्टी संचालित की जा रही थी। जिसका प्रमाण खुद आबकारी विभाग की टीम ने पथरी थाना क्षेत्र स्थित खांड गांव के जंगल में छापा मारकर कच्ची शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। वो बात अलग हैं कि कोई आरोपी मौके से पकड़ा नहीं जा सका। लेकिन इस कार्यवाही में आबकारी विभाग ने जहां पांच सौ लिटर कच्ची शराब, पांच हजार लाहन बरामद किया था। जिससे साबित होता हैं कि जनपद में कच्ची शराब की भट्टी संचालित होना आम बात हो गयी है। देखना हैं कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस घटना से सबक लेकर कच्ची शराब माफियों के खिलाफ कितना शिकंजा कसता है।
