■जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में सीबीसी टेस्टिंग मशीन दो दिन से हैं खराब
■अटल आयुष्मान कार्ड से भर्ती मरीजों की नही हो पा रही सीबीसी टेस्टिंग
■आयुष्मान से भर्ती मरीजों से सीबीसी टेस्टिंग का मेला अस्पताल में मांगा जा रहा शुल्क
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। राजकीय मेला चिकित्सालय प्रबंधन द्वारा जिला अस्पताल हरिद्वार प्रबंधन को मरीजों के उपचार में सहयोग ना करने का मामला प्रकाश में आया है। जिसको लेकर जिला अस्पताल प्रबंधन मेला चिकित्सालय प्रबंधन के असहयोग को लेकर पेशोपेश में है। जबकि राजकीय मेला चिकित्सालय प्रबंधन को जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों के उपचार में पूर्ण सहयोग करता आ रहा है। लेकिन राजकीय मेला चिकित्सालय के प्रबंधन के व्यवहार से जिला अस्पताल प्रबंधन हैरान व परेशान देखा जा रहा है। जिसको लेकर राजकीय मेला चिकित्सालय प्रबंधन सुर्खियों में है। जिला अस्पताल में दो दिनों से पैथोलॉजी लैब में सीबीसी टेस्टिंग मशीन खराब होने पर अटल आयुष्मान कार्ड पर भर्ती डेंगू व अन्य मरीजों के सीबीसी टेस्टिंग नहीं हो पा रही है।
जिला अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा उनके खून के सैम्पल लेकर सीबीसी टेस्टिंग के लिए राजकीय मेला चिकित्सालय भेजा जा रहा है। आरोप हैं कि राजकीय मेला चिकित्सालय में अटल आयुष्मान कार्ड पर भर्ती मरीजों से टेस्टिंग का शुल्क मांग रहे है। जबकि दोनों अस्पताल सरकारी है, इसके बावजूद जिला अस्पताल में अटल आयुष्मान कार्ड पर भर्ती मरीजों से टेस्टिंग के शुल्क वसूले जाना हर किसी के समझ से बाहर है। बताया जा रहा हैं कि सरकार द्वारा डेंगू के मरीजों की टेस्टिंग निःशुल्क का प्रवाधान है। राजकीय मेला चिकित्सालय प्रबधन द्वारा सरकार के निर्देशों की अवहेलना की जा रही है। जिला अस्पताल से भेजे जा रहे मरीजों को चंदन लैब का रास्ता दिखाया जा रहा।
बताते चले कि जिला अस्पताल हरिद्वार में दो दिनों से पैथोलॉजी लैब में सीबीसी टेस्टिंग मशीन खराब है। जिसकारण अटल आयुष्मान कार्ड पर जिला अस्पताल में भर्ती डेंगू व अन्य मरीजों की सीबीसी टेस्टिंग नहीं हो पा रही है। जिला अस्पताल में भर्ती अटल आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों के सैम्पलों को सीबीसी टेस्टिंग के लिए राजकीय चिकित्सालय भेजा जा रहा है। आरोप हैं कि जिला अस्पताल में अटल आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों से टेस्टिंग के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है। जिनमें डेंगू के मरीज भी शामिल है। जिला अस्पताल चिकित्सकों के अनुसार सरकार द्वारा डेंगू के मरीजों की टेस्टिंग निशुल्क करने का प्रावधान है। लेकिन उसके बावजूद राजकीय मेला चिकित्सालय प्रबंधन द्वारा सरकार के निर्देशों की अवहेलना की जा रही है।
जिला अस्पताल हरिद्वार प्रभारी पीएमएस डॉ़. आरबी सिंह ने बताया कि गुरूवार से अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में सीबीसी टेस्टिंग मशीन खराब है। जिसकारण चिकित्सकों द्वारा अटल आयुष्मान कार्ड पर भर्ती मरीजों के खून के सैम्पल लेकर उन्हें सीबीसी टेस्टिंग के लिए राजकीय मेला चिकित्सालय भेजा गया। राजकीय मेला चिकित्सालय में जिला अस्पताल से भेजे गये सैम्पलों के सीबीसी टेस्टिंग के लिए मरीजों से शुल्क मांगे जाने की बात सामने आयी है। जिनमें डेंगू के मरीज भी शामिल है। जब इस सम्बंध में राजकीय मेला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता से मोबाइल पर सम्पर्क कर मामले से अवगत कराया गया। सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता ने राजकीय मेला चिकित्सालय में सीबीसी टेस्टिंग के शुल्क मांगे जाने की बात की पुष्टि करते हुए कहा कि अटल आयुष्मान कार्ड आपके अस्पताल में रजिस्ट्रर है लेकिन ऐसे मरीजों का सेंटर सिस्टम में उनका कम्प्यूटर टेकअप नहीं कर रहा है। इसलिए सीबीसी टेस्टिंग के लिए पैसे देने होगें।
प्रभारी पीएमएस डॉ. आरबी सिंह ने हैरानी जताते हुए बताया कि दोनों ही हॉस्पिटल सरकारी है। लेकिन राजकीय मेला चिकित्सालय सीएमएस अटल आयुष्मान कार्ड पर जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार में सहयोग नही कर रहे है। जबकि राजकीय मेला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों के उपचार में हमेशा जिला अस्पताल ने सहयोग किया है। जब मेला अस्पताल की ओटी ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं थी, तब मेला अस्पताल के सर्जन द्वारा जिला अस्पताल की ओटी में मरीजों को लाकर ऑपरेशन किये। लेकिन जिला अस्पताल की ओटी का शुल्क राजकीय मेला चिकित्सालय ने खुद वसूला। लेकिन जिला अस्पताल हरिद्वार की ओर से कभी भी ओटी शुल्क को लेकर कोई शिकायत मेला अस्पताल सीएमएस से नहीं की।
बताया कि मेला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता मरीजों के उपचार में जिला अस्पताल के चिकित्सकों को कोई मदद नहीं कर रहे है। जबकि दोनों अस्पताल उत्तराखण्ड राज्य सरकार के आधीन है। उसके बावजूद भी मेला अस्पताल द्वारा मरीजों के उपचार में सहयोग नहीं किया जा रहा है। जबकि सरकार की ओर से डेंगू के मरीजों का निःशुल्क टेस्टिंग का प्रवाधान हैं उसके बावजूद मेला अस्पताल में डेंगू मरीज के टेस्टिंग के शुल्क मांगा गया। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब की सीबीसी टेस्टिंग मशीन एक-दो दिनों में दुरूस्थ हो जाएगी।
