दो माह से वेतन न देकर किया जा रहा मानसिक उत्पीड़न
कर्मचारी संघ का पूर्व स्थगित आंदोलन फिर खड़ा हुआ
तीनों परिसरों में कर्मचारियों ने किया 2 घंटे का कार्य बहिष्कार
अनूप कुमार/अर्क शर्मा
हरिद्वार। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ द्वारा पूर्व 01 अप्रैल को स्थगित किये आंदोलन को पुनः आज शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के बैनर तले विश्वविद्यालय के तीनों मुख्य परिसरो (ऋषिकुल, गुरुकुल आयुर्वेद कॉलेज हरिद्वार, मुख्य परिसर एवं प्रशासनिक भवन हर्रावाला देहरादून) के कार्मिकों द्वारा प्रथम दिवस जिसमें 2 घंटे 10- 12 बजे तक का कार्य बहिष्कार किया गया।
ऋषिकुल परिसर में कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती आनंदी शर्मा तथा संचालन मोहित मनोचा व चंद्रप्रकाश ने संयुक्त रूप से किया। गुरुकुल परिसर नाथी राम की अध्यक्षता व रमेश पंथ ने संचालन तथा मुख्य परिसर में विवेक तिवारी द्वारा आंदोलन को संचालित किया गया। जिसमें कार्मिकों ने अपनी पूर्ण सहभागिता दी। आंदोलन में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चिकित्सा स्वास्थ्य के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेडा व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जिला मंत्री राकेश भवर ने ऋषिकुल परिसर में उपस्थित होकर शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
इस दौरान उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष खीमानंद भट्ट और चिकित्सा स्वास्थ्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा संघ को लिखित रूप से आश्वासन देने के उपरांत भी कार्मिकों की मांगों को समय से निस्तारित करने में विफल रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अपनाई जा रही हठधर्मिता जोकि कार्मिकों के प्रति उदासीनता व्यक्त करता है, ये कार्मिकों के लिए चिंताजनक विषय है। जिसको लेकर कार्मिकों में भारी रोष व्याप्त है तथा कार्मिक विश्वविद्यालय के दोनों परिसरों को राज्य के नियंत्रणधीन करने की मांग कर रहा है।
उपसचिव छत्रपाल एवं संगठन मंत्री आशुतोष गैरोला ने कहा कि कार्मिकों को जून, जुलाई 2 माह का वेतन नहीं मिला है। प्रशासन द्वारा कार्मिकों को समय से वेतन एवं उनके देयको का भुगतान ना करना बहुत गंभीर विषय बना हुवा है। जिस कारण कर्मचारी आर्थिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित है वेतन समय से न मिलने के कारण परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है तथा कार्मिकों पर बैंक द्वारा लिए गए लोन पर बार-बार पेनल्टी लगती है।
संगठन की उपाध्यक्ष सुनीता चंद तिवारी और लक्ष्मी उनियाल ने संयुक्त रूप से कहा है कि उत्तराखण्ड राज्य में नर्सिंग संवर्ग/ एक्सरे टेक्नीशियन को दो अलग वेतनमान मिल रहे हैं, जहा निदेशक के अधीन नर्सिंग संवर्ग को 4600 ग्रेट पे का लाभ तथा विश्व विद्यालय में नर्सिंग संवर्ग 4200 ग्रेट दिया जा रहा है विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नर्सिंग व एक्सरे टेक्निशियन संवर्ग द्वारा लगातार 4600 ग्रेट पे की मांग की जा रही है जिस पर विश्वविद्यालय चुप्पी साधे है। यदि समय रहते प्रशासन द्वारा मांगों का निस्तारण नहीं किया जाता, तो इस दोहरी नीति को कार्मिक बर्दाश्त नहीं करेगा और उग्र आंदोलन करेगा।
संगठन उप सचिव सुमित कुमार व कोषाध्यक्ष अनिल सिंह नेगी ने कहा कि परिसरों के कार्मिकों को गोल्डन कार्ड जैसी सुविधा से वंचित रखा जा रहा है। जोकि कार्मिकों के लिए न्यायोचित नहीं है। संगठन के सदस्य उत्तम कुमार, चंदन सिंह चौहान, मनोज पोखरियाल, ताजबर सिंह ने कहा कि यदि प्रशासन हमारी मांगों को नजरअंदाज करता है तो कार्मिक सड़को पर उतर कर आंदोलन करने को बाध्य होगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।
आंदोलन में दिलबर सिंह सत्कारी, शमीर पांडेय,अनिल कुमार, सुदामा प्रसाद जोशी, त्रिलोकी प्रसाद, बीना मठपाल, जगजीत सिंह , विवेक तिवारी, रोहित कुमार, दीपक ज्योति, रश्मि बहुगुना, मीनाक्षी गॉड, ध्रुव कुमार, शोभा, सुषमा नेगी, रोहन, अर्चना, पप्पू , नित्या, वंदना, राकेश चंद्र, नीलम ,मोहित पवार, सतीश कुमार, मोहित कुमार, अमित, बुगली देवी, शंद्या रतूड़ी, बाला देवी, शिखा नेगी, यशोदा रतूड़ी, अनुभा भट्ट, सुमंत पाल, विनोद, ज्योति सिंग, अशोक चंद्रा, चंद्रपाल, कमल कुमार, प्रबल, अजय, अंजुम, ममता बिस्ट, दीपक आदाना, ममता, नीमा, शरोज, राजपाल सिंह, प्रमोद कुमार आदि अन्य उपस्थित रहे।
