गन्ने के खेत में बने मकान में छात्रा को बनाकर रखा था बंधक
पुलिस की सक्रियता से घबराकर छात्रा को बस में बैठाया
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्रतार कर भेजा जेल
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। गन्ने के खेत के बीच बने मकान में छात्रा को बंधक बनाकर आरोपी लगातार 17-18 दिनों तक सामूहिक दुष्कर्म करते रहे। छात्रा के लापता होने तथा पुलिस की सक्रियता की खबरे प्रकाशित होने से घबरा कर आरोपियों ने खुद पीडिता को बस में बैठा कर हरिद्वार भेजा गया। जिसकी जानकारी पुलिसियां पूछताछ के दौरान सामने आयी है। पुलिस आरोपियों को लेकर रात कोतवाली ज्वालापुर पहुंची। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देना कबूल किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को शनिवार को मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
कोतवाली ज्वालापुर प्रभारी निरीक्षक महेश जोशी ने बताया कि परिजनों से नाराज कक्षा 10 की छात्रा घर से चली गयी थी। जिसके सम्बंध् में छात्रा की माता की ओर से 30 जनवरी को कोतवाली ज्वालापुर में गुमशुदगी दर्ज करायी थी, लेकिन छात्रा का कोई सुराग नहीं लग पाने पर गुमशुदगी को अपहरण में तब्दील कर दिया था। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो फूटेज में छात्रा ई-रिक्शा से ऋषिकुल की ओर जाते देखी गयी। जिसके बाद पुलिस ने ऋषिकुल तिराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगला गया।
जिसमें छात्रा सहारनपुर डिपो की बस में बैठना प्रकाश में आया। इस जानकारी के बाद पुलिस ने रूड़की और सहारनपुर बस अड्डे पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। लेकिन कोई सुराग नहीं लगे, जिसपर पुलिस ने बस परिचालक से पूछताछ की गयी। जिसपर पुलिस जानकारी लगी कि छात्रा एक महिला के साथ बेहट पर उतरी थी। जिसपर पुलिस ने उक्त महिला की जानकारी जुटाई तो वह ज्वालापुर निवासी निकली। जिससे पूछताछ की गयी, जिसने बताया कि छात्रा अकेली थी इसलिए वह उसके पास बैठ गयी। जिसने बताया था कि वह अकेली मेरठ अपनी बुआ के पास जा रही है। जिसपर उसने छात्रा को मेरठ की बस में बैठाया था।
प्रभारी निरीक्षक महेश जोशी ने बताया कि इसी दौरान जांच में पता चला कि बस में छात्रा को चार युवक मिले। जिन्होंने छात्रा को अकेली पाकर उसके बातचीत करते हुए उसको विश्वास में ले लिया। जिसपर युवक छात्रा को अपने साथ ग्राम काशी परतापुर मेरठ में गन्ने के खेत के बीच बने मकान में ले गये। जहां पर युवकों ने छात्रा को बंधक बनाकर उसके साथ लगातार 17-18 दिनों तक दुष्कर्म करते रहे। लेकिन सोशल मीडिया समेत अन्य प्लेटफार्मो पर छात्रा के अपहरण की खबरे प्रसारित होने तथा छात्रा की तलाश में पुलिस के बढते दबाब से घबराकर आरोपियों ने खुद छात्रा को हरिद्वार की बस में बैठा दिया।
छात्रा से पूछताछ के बाद पुलिस के पास आरोपियों के नामों की जानकारी के अलावा कुछ नहीं था। पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए फेसबुक की मदद लेते हुए नामों को सर्च किया गया। जिनमें दो आरोपियों की फोटो नजर आयी जिसको पीडिता ने पहचान लिया। जिसके बाद आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम ने एक योजना तैयार की। जिसके तहत एक आईडी तैयार कर आरोपियों से चैंटिग शुरू करते हुए उनका मोबाइल नम्बर लेकर सर्विलांस के आधार पर पुलिस टीम ने मेरठ से आरोपियों को गिरफ्रतार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना नाम इसरार पुत्र खालिद, कादिर पुत्र फुरकान, अहसान पुत्र कामिल और नदीम पुत्र फरकान निवासीगण नथमलपुर चिलकाना सहारनपुर यूपी बताया है। जिन्होंने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म करना कबूल किया है। जिनके खिलाफ पुलिस ने सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
