उद्घाटन भाजपा जिला सह प्रभारी, महापौर व भाजपा जिलाध्यक्ष ने किया
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। नगर निगम हरिद्वार में अटल स्मृति वर्ष के अंतर्गत आयोजित अटल स्मृति प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। अटल स्मृति वर्ष प्रदर्शनी का शुभारंभ हरिद्वार भाजपा जिला सह प्रभारी दीपक धमीजा, नगर निगम महापौर किरण जैसल और जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
इस अवसर पर भाजपा हरिद्वार जिला सह प्रभारी दीपक धमीजा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई ने राजनीति में नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने पक्ष और विपक्ष में रहते हुए भेदभाव के बिना सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों की प्रशंसा की और उनके गलत कार्यों के बारे में चेतावनी देने से नहीं चुके।वह एक राजनीतिक होने के साथ-साथ अच्छे वक्ता, कवि और समाजसेवी थे। भारत सरकार द्वारा उन्हें भारत रत्न से नवाजा गया था। उन्होंने कभी भी हार और जीत की परवाह ना करते हुए। राजनीति में नए युग का आरंभ किया।
इस अवसर पर हरिद्वार नगर निगम की महापौर किरण जैसल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई राजनीति के अजातशत्रु थे। उन्हें दूसरे राजनीतिक दल भी पूरा सम्मान देते थे। भारत के प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने अनेकों ऐसे कार्य किए हैं। जिससे भारत का मस्तक गर्व से ऊंचा हुआ है। उन्होंने राजस्थान के पोखरन में परमाणु विस्फोट कर भारत को विश्व में परमाणु महाशक्ति के रूप में स्थापित किया था।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि आज हम अटल स्मृति वर्ष के अवसर पर अटल प्रदर्शनी का आयोजन कर रहे हैं। जिसमें अटल जी के जीवन परिचय ,राजनीति जीवन और उनकी कविताओं पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से हम उनके बताएं मार्ग पर चल सकेंगे उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई एक ऐसे युग पुरुष थे। जिन्होंने मां भारती का गौरव बढ़ाया है। कवि के रूप में उन्होंने उच्च स्थान हासिल किया था। उनके जन्म दिवस पर पूरे वर्ष भर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आवाहन किया कि अटल जी के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके बताए मार्ग पर चलें।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम सहसंयोजक विनीत जोली, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, आशु चौधरी, तरुण नैय्यर, राजकुमार अरोड़ा, रितु ठाकुर, लोकेश पाल, राकेश नौडियाल ,पार्षद प्रशांत मन्नू सैनी, सचिन अग्रवाल सूर्यकांत शर्मा सचिन कुमार, भोला शर्मा, आदर्श पांडे, गौरव वर्मा ,पूनम माखन आदि उपस्थित रहे।
