विपक्षी दल बिल पर राजनीति कर किसानों को बरगला रहे
प्राइवेट स्कूलों की फीस देने में असक्षम अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढाये
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। केंद्र सरकार किसानो के हित को ध्यान में रखते हुए कृषि बिल लाया गया है। लेकिन कुछ लोग इस बिल का विरोध वही लोग कर रहे हैं, जिन्होंने इसका अध्ययन नहीं किया और राजनीति कर रहे है। विपक्षी दल द्वारा बिल को लेकर जो आपत्ति जताई जा रही है। वह केवल राजनीति से प्रेरित है। किसान इस बिल को लेकर खुश हैं मगर विपक्षी दल किसानों को भड़काने और हल्ला मचाने का काम कर रहे है इस बात की जानकारी राज्य कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे ने शनिवार को मायापुर स्थित डामकोठी पर पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि कृषि बिल से किसान मंडी टैक्स के साथ ही बिचैलियों से मुक्त हो जाएगा, अपनी फसल का मूल्य उसे सही रूप में मिल पाएगा। केंद्र सरकार ने किसानों के हित को देखते हुए ही तीन अध्यादेश पारित किए हैं। कृषि बिल किसानों के हित में है और इससे किसानों की स्थिति में सुधार होगा। कांग्रेस ने 70 सालों में जो काम नहीं किया है, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करके दिखाया है। किसानों की माली हालत को लेकर आज तक केवल कैंडल मार्च, विरोध् ही किए गए। लेकिन किसानों की हालत सुधारने के लिए किसी ने काम नहीं किया। बिल के खिलाफ कांग्रेस इस तरह का माहौल बनाने का काम कर रही है। कांग्रेस सबके हित छीनकर अपना हित साधने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के सरकारी स्कूलों में दूरसंचार और दूरदर्शन के माध्यम से आनलाइन शिक्षा बच्चों को दी जा रही है। सरकारी स्कूलों में बिजली या दूरसंचार की सेवा नहीं है, उसके लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जल्द से जल्द इस समस्या को दूर किया जाए। फीस को लेकर पूछे गए सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि जो अभिभावक प्राइवेट स्कूलों की फीस देने में सक्षम नहीं है, आर्थिक रूप से कमजोर हैं वह अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कराएं। प्रत्येक विषय के अध्यापक स्कूलों में तैनात हैं। कैबनेट मंत्री का स्वागत करने वालों में ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष डाॅ. जयपाल सिंह चौहान, मुख्य शिक्षाधिकारी डाॅ. आनंद भारद्वाज, जीजीआईसी की प्रधानाचार्या पूनम राणा आदि मौजूद थे।

