
सूना रहा मंच, नहीं दिखी झांकियां
लीना बनौधा
हरिद्वार। हरिद्वार, भीमगोडा,कनखल, ज्वालापुर और शिवालिक नगर में जन्माष्टमी का त्यौहार दो दिन (11 व 12 अगस्त) मनाया गया। कन्हैया को भी दो दिन झूले में झुलाया गया। हर साल की अपेक्षा इस साल भीड़ बहुत कम रही। मन्दिर में लगने वाली झाँकियों व मंच पर होने वाले बच्चों के नृत्य का अभाव रहा। कोरोना के कारण त्यौहार पूर्ववत् नहीं मना। सोशल डिस्टेंसिंग की भी पूर्ण व्यवस्था की गई।

इस बार जन्माष्टमी का पर्व बेहद विशेष रहा। पंचांग के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।

इस बार पंचांग के अनुसार अष्टमी की तिथि 11 अगस्त सुबह 9 बजकर 6 मिनट से आरंभ व 12 अगस्त को सुबह 11 बजकर 16 मिनट पर समाप्त हुई।
