


राष्ट्रीय तम्बांकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग ने किया जागरूक
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। राष्ट्रीय तम्बांकू नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग हरिद्वार की एनटीसीपी टीम से साइकोलोजिस्ट कांउसलर श्रीमती जीता गुप्ता द्वारा चैनराय जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को तम्बांकू से होने वाली गर्भावस्था के समय बच्चों तथा मां पर दुष्प्रभावों और बिमारियों से बचाव के विषय में जागरूक किया गया। श्रीमती जीता गुप्ता ने बताया कि किस तरह यदि कोई गर्भवती महिला गर्भ के समय धूमपान का सेवन करती हैं तो होने वाला बच्चा मृत पैदा हो सकता है। बच्चे के फेफडे का कम विकास, समय से पहले पैदा होना, कम वजन का पैदा होना आदि समस्याए आती है। गर्भवती महिला का ब्लड प्रेशर धूमपान के कारण अधिक होने से मां तथा बच्चे दोनों की जान का खतरा रहता है। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति किशोरावस्था से धूमपान का सेवन करता हैं तो उसके शुंक्राणुओं की संख्या में लगातार कमी आती है। जिससे वह संतान सुख से वंचित हो सकता है। और यदि उनके परिवार का अन्य सदस्य भी करता है, तो सेकट हैंड समोकर उसकी गर्भवती महिला व बच्चे के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता सकता है।
