
साढे पच्चीस करोड़ का किया फोनिक्स ग्रुप आफ इंस्टीटूयट ने गबन
संस्थान के पक्ष में कोई अभिलेख न दिखा पाने पर चेयरमैन गिरफ्रतार
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। एसआईटी ने अब तक का सब से बड़ा छात्रवृत्ति घोटला पकड़ा है। फोनिक्स ग्रुप आफ इंस्टीटूयट रूड़की द्वारा साढे पच्चीस करोड की धनराशि का घोटला किया है। एसआईटी ने संस्थान के घोटलेबाज चेयरमैन को उस वक्त गिरफ्रतार कर लिया। जब एसआईटी कार्यालय में वह अपने पक्ष में कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। एसआईटी ने संस्थान के चेयरमैन के खिलाफ सिड़कुल थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। अपराध पुलिस अधीक्षक एवं एसआईटी अध्यक्ष मंजूनाथ टीसी के अनुसार छात्रवृत्ति घोटले प्रकरण के तहत फोनिक्स ग्रुप आफ इंस्टीटूयट रूड़की के सम्बंध् में जिला समाज कल्याण से जानकारी मांगी गयी। जिसमें पता चला कि उक्त संस्थान को वर्ष 2012-13 से वर्ष 2016-17 के बीच अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति धनराशि पच्चीस करोड़, अठावन लाख, तितालीस हजार, दो सौ पचास रूपये संस्थान के बैंक खाते व छात्रों के बैंक खाते में प्रदान की गयी। जिसके सम्बंध में एसआईटी ने उत्तराखण्ड टेक्निकल यूनिवर्सिटी देहरादून से प्राप्त छात्र पंजीकरण सूचना एवं परीक्षा परीणाम का मिलान छात्रवृत्ति प्रदान किये गये छात्रों से किया गया। जिसमें छात्रवृत्ति के सापेक्ष छात्रों का पंजीकरण कम पाया गया तथा अधिकांश छात्र अनुत्तीर्ण या कहे कि परीक्षा में शामिल नहीं होना पाये गये। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में उक्त संस्थान में निर्धारित सीटों के सापेक्ष अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति संस्थान के बैंक खाते में प्रदान की गयी। आनलाईन वितरित की गयी छात्रवृत्ति में छात्रों के बैंक खातों में अधिकांश मोबाइल नम्बर संस्थान के पदाधिकारियों चैरब जैन आदि के मिले है। जिससे स्पष्ट होता हैं कि छात्रों के बैंक खातों का संचालन संस्थान द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि एसआईटी ने संस्थान के चेयरमैन चैरब जैन पुत्र कमल कुमार जैन निवासी 37 जीवानी माई रोड ऋषिकेश देहरादून को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए अभिलेखों के साथ एसआईटी कार्यालय रोशनाबाद में बुलाया गया था। जहां पर संस्थान के चेयरमैन चैरब जैन अपने पक्ष में कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सकें। जिसपर एसआईटी ने संस्थान के चेयरमैन चैरब जैन को गिरफ्रतार करते हुए सिड़कुल थाने में उनके खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
