
65 की उम्र पार कर चुके वृद्धों के नहीं मिल रहे फिंगर प्रिंट
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत जिला अस्पताल में कार्ड बनने की प्रक्रिया शुरू है। जहां पर रोजना सैकड़ो की संख्या में लोग पहुंच रहे है। मगर इस योजना में 65 वर्ष की उम्र से अधिक वृद्धों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रहेी है। उनके फिंगर प्रिंट न मिलने के कारण उनको घण्टों लाईन में खड़े होने के बाद बैंरग वापस लौटना पड़ रहा है। अब सवाल यह उठता हैं कि क्या ऐसे वृद्ध इस योजना से वंचित हो जाएगे। अपने को इस योजना से वंचित रहने से परेशान वृद्धों को कोई जबाव नहीं मिल रहा है। ऐसा ही एक मामला जिला अस्पताल में देखने को मिला, जब एक वृद्ध घण्टों लाईन में लगने के बाद उसके फिंगर प्रिंट नहीं मिले तो उनको निराश होकर वापस लौटना पड़ा। बताते चले कि देश भर में प्रधानमंत्री आयुष्मान भाारत योजन के तहत स्वास्थ्य लाभ के लिए कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है। जिसके तहत परिवार के हर सदस्य को आधार कार्ड व राशन कार्ड लाना अनिर्वाय है। जहां उनके फिंगर प्रिंट लेते हुए उनको इस योजना से जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। मगर यहां पर एक ओर पहलू देने को मिल रहा हैं कि जिन वृद्धों के फिंगर प्रिंट नहीं पा रहे है, उनको मायूस होकर वहां से वापस बैंरग लौटना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला जिला अस्पताल हरिद्वार में भी देखने को मिला। जहां पर एक वृद्ध खूब चंद मदान निवासी श्री गणेश भवलपुरम भवन राम लीला मैदान हरिद्वार जिनकी उम्र करीब 85 वर्ष है। वह भी प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना का कार्ड बनाने के लिए पहुंचे। जहां उनको घण्टों लाईन में लगने के बाद उनके फिंगर प्रिंट नही मिलने पर उनको वापस बैंरग लौटना पड़ा। लेकिन उनकी मायूसी चेहरे पर साफ झलक रही थी वह हर किसी शख्स जो वहां पर कार्ड के लिए पहुंचा था। उनसे पूछ रहे थे कि क्या उनको इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। खूब चंद मदान गरीब हैं और श्री गणेश भवलपुरम भवन में नौकरी करते हैं। लेकिन कोई भी खूबचंद जी को उनके सवाल का जबाव नही दे पा रहा था। शायद किसी को इस सम्बंध् में अधिक जानकारी नहीं थी। यह केवल अकेले खूब चंद मदान की परेशानी नहीं है। बल्कि उन तमाम वृद्ध लोगों की परेशानी सामने आकर खड़ी हो गयी है कि इस उम्र में उन्हें केन्द्र की लाभकारी योजनाओं से वंचित होना पड़ रहा है। सवाल यह उठता हैं कि क्या उनको केन्द्र की लाभकारी योजना का लाभ मिल सकेगा? यदि इस सम्बंध् में केन्द्र सरकार द्वारा कोई गाइड लाईन जारी की गयी हैं तो उसको भी समाज के सामने प्रशासनिक अधिकारियों को लाना चाहिए ताकि उनको उम्र के इस पडाव पर भटकना ना पडे और सही स्थिति का पता चल सकें।
