अतिक्रमण के नाम पर उलाड़े गये लघु व्यापारियों का मामला
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। नेताओं व अधिकारियों ने लघु व्यापारियों के साथ वादा खिलाफी की हैं, भूख हड़ताल पर बैठे लघु व्यापारियों को नेताओं व अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर पंतद्वीप मैदान में दुकान लगाने के लिए स्थान उपलब्ध् करा देने का भरोसा दिलाया था। लेकिन समय बीतने के बाद भी उनकी कोई सुध् नहीं ली जा रही है। जिन अधिकारियों ने लिखकर उनसे वादा किया था, उनका स्थान्तरण कर दिया गया है। पंतद्वीप मैदान से अतिक्रमण के नाम पर 5-6 माह पूर्व उजाडे गये लघु व्यापारियों के परिवारों के भूखे मरने की नौबत आ गयी है। इस बात की जानकारी पंतद्वीप मैदान से हटाये गये लघु व्यापारियों शंकर गोस्वामी, मोनू सेठी, आशीष अग्रवाल सहित कई व्यापारियों ने प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों को दी। उन्होंने कहा कि जब पंतद्वीप मैदान से अतिक्रमण के नाम पर उनको उजाड़ा गया था। तब नेताओं ने उनको भरोसा दिया गया था कि नगर निगम चुनाव के बाद उनको वहीं पर स्थान उपलब्ध् कराया जाएगा। लेकिन चुनाव होने के बाद भी जिन नेताओं ने उनको भरोसा दिलाया था वह अब चुप्पी साधे हुए है। लघु व्यापारियों ने डीएम से लेकिर कई अधिकारियों को अपने परिवार के भरण पोषण की दुहाई देते हुए उनकी परेशानियों के निदान की गुहार लगाई गयी। उसके बाद भी गरीब लघु व्यापारियों की कोई सुनवाई नहीं की गयी। उन्होंने बताया कि सब ओर से निराश होकर 25 दिसम्बर से लघु व्यापारियों ने प्रशासन की निदं खोलने के लिए भूख हड़ताल पर चले गये। लघु व्यापारियों के भुख हड़ताल को देखते हुए 25 दिसम्बर को नेताओं व अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर एक सप्ताह के भीतर ठेली लगवाने का लिखित अश्वासन देकर उनकी भूख हड़ताल खुलवाई थी। लेकिन समय बीतने के बाद भी उनकी कोई सुध् नहीं ली जा रही है। जिस अधिकारी ने लिखित में अश्वासन दिया था उनको स्थान्तरण कर दिया गया। लघु व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पूर्व में भाजपा नेता ठेकेदार के रूप में उनसे सौ रूपये से लेकर तीन सौ रूपये तक रोजना वसूला करते थे। लेकिन उनकी कोई भी रशीद नहीं दी जा रही थी। जब मंत्री जी के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने सौ रूपये प्रति ठेली देने की वकालत करते हुए उनको कहा था। जिसपर लघु व्यापारी तैयार थे लेकिन उनकी मांग थी कि उनसे ली जाने वाली रकम की रशीद दी जाए। लेकिन ठेकेदार बने नेता रशीद देने के लिए तैयार नही है। इसलिए वह किसी भी कीमत पर अब तक हो रहे अपने उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेगें। ऐसा नहीं कि ठेकेदार बने नेता द्वारा लघु व्यापारियों से वसूली की जानकारी सम्बंधित विभाग अधिकारी को नहीं है, मगर वह भी मौन बने हुए है। लघु व्यापारियों ने नेताओं को चेताया हैं कि यदि उनकी सुनवाई नहीं होती तो आगामी लोक सभा चुनाव का सभी लघु व्यापारी बहिष्कार करेगें, साथ ही लघु व्यापारी फिर से अनशन पर चले जाएगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशाासन की होगी। प्रेसवार्ता के दौरान प्रिंस साहु, वीर गिरि, सुभाष चैहान, राकेश अग्रवाल, संजय कुमार, सूर्यकांत गुप्ता, गीता देवी, मदन गोपाल गुप्ता आदि मौजूद थे।
