बैण्ड मास्टर एडवास लेने के बाद भी नहीं पहुंचा
दुल्हे के यार दोस्तों के नाचने के अरमानों पर फिरा पानी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। बिना बैण्ड बाजे के दुल्हे को अपनी इज्जत बचाने के लिए ढोल के सहारे ही दुल्हन के दरवाजे पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। जिसका कारण बैण्ड बाजे वाले ने पेशगी लेने के बाद धोखा दे दिया और मौके पर नहीं पहुंचा। जिसके बाद दुल्हा पक्ष के लोगों में बेचनी बढ गयी और जब बैण्ड बाजे के मास्टर से सम्पर्क करने का प्रयास किया तो उसको फोन नहीं उठा। दुल्हा पक्ष के लोगों ने अपनी इज्जत बचाने के लिए अनन-फनन में ढोल वालों को सम्पर्क कर मौके पर बुलाया और दुल्हन के दरवाजे पर पहुंचे। दुल्हे के यार दोस्तों के अरमान शादी में नाचने के धरे के धरे रह गये। प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 दिसम्बर की शादी के लिए बेटे की शादी के लिए एक व्यक्ति ने 17 मई 2018 को न्यू रावत बैण्ड ऋषिकुल को बुक किया था। बताया जा रहा हैं कि 12 दिसम्बर की रात को दुल्हा व बराती तैयार थे, बरातियों में खुशी का माहौल था। दुल्हे के यार दोस्त भी शादी में नाचने के मचल रहे थे और घर केे बाहर घोडी भी तैयार थी। लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी बैण्ड बाजा नहीं पहुंचा। जिसपर दुल्हे पक्ष के लोगों ने बैण्ड बाजा मास्टर से सम्पर्क करने का प्रयास शुरू कर दिया। बताया जा रहा हैं कि बैण्ड बाजे मास्टर का फोन ही नहीं उठा। फोन पर सम्पर्क न होने पर दुल्हे पक्ष के लोग बैण्ड बाजे के कार्यालय की ओर दौड़े तो कार्यालय बंद मिला। जिसके बाद दुल्हे पक्ष के लोगों की परेशानी बढनी शुरू हो गयी। दुल्हे पक्ष के लोगों ने अपने स्तर से बैण्ड बाजे वाले की तलाश की गयी मगर कोई सफलता नहीं मिली। घुड़चढ़ी का समय बीतने लगा तो दुल्हे परिवार की बेचनी बढनी लगी। जिसके बाद घर में खुशी के माहौल ने तनाव का रूप ले लिया। शादी में नाचने के अरमान पाले दुल्हे के यार दोस्तों का भी मूढ खराब हो गया, काफी इंतजार के बाद भी बैण्ड बाजा नहीं पहुंचा तो लोगों ने दूसरे बैण्ड बाजे का इंतजाम करने का भी प्रयास किया। मगर उस दिन साये अधिक होने के कारण बैण्ड बाजे बुक होने के कारण इंतजाम नहीं हो सका। जब जाकर दुल्हे पक्ष के लोगों ने अपनी इज्जत बचाने के लिए किसी तरह ढोल का इंतजाम कर घुडचढी चढाते हुए दुल्हन के दरवाजे पर पहुंचे। जहां पर भी दुल्हे को बैण्ड बाजे को छोड ढोल पर आता देखा तो वहां भी कानाफुसी होती नजर आयी। लेकिन जब असलियत बता चली तो सब बाते छोड़कर दुल्हन पक्ष के लोगों ने दुल्हे पक्ष का जोरदार स्वागत किया। बताया जा रहा हैं कि दुल्हे के पिता ने न्यू रावत बैण्ड को 19 हजार में तय किया था। जिसके एवज में बैण्ड मास्टर नौशाद को साढे पांच हजार रूपये पेशगी दी गयी थी। विवाह समारोह सम्पन्न होने पर जब दुल्हे पक्ष के लोग बैण्ड मास्टर नौशाद से मिले और उसपर धोखा देने का आरोप लगाते हुए खूब खरी खोटी सुनाई। जिसपर वह अपनी ही दलील देने में जुट गया और माफी मांगाने लगा। जब मामले के सम्बंध् में बैण्ड मास्टर नौशाद से पूछा गया तो उसने बताया कि उसका एक व्यक्ति बीमार हो गया था। जिसकारण वह वहां व्यस्त हो गया। लेकिन वह शादी में बैण्ड भेजने के मामले में कोई संतोषजनक जबाव नहीं दे सका और इधर उधर की बाते करने लगा। इतना जरूर हैं कि मामले में बैण्ड बाजे वालो पर विश्वास पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है कि शादी में एडवास देने के बाद भी वह मौके पर पहुंचेगा या नहीं?
