
पिछले करीब एक माह से भेल क्षेत्र में मचा रखी थी दहशत
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। भेल क्षेत्रा में खौफ का पर्याय बने गुलदार को आखिर वन विभाग की टीम ने रेसक्यू कर लिया। जिसके बाद वन विभाग सहित भेल क्षेत्रवासियों ने राहत की सास ली है। वन विभाग टीम ने रेसक्यू किये गये गुलदार को चिडियापुर स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया है। जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण के पश्चात जंगल में छोड़ा जाएगा। बताते चले कि पिछले करीब एक माह से भेल क्षेत्र में गुलदार के खौफ से लोगों ने शाम ढलते घर से निकलना बंद कर दिया था। बताया जा रहा हैं कि गुलदार जंगल से भटक कर रिहासी इलाके में प्रवेश कर रहा था। जिसको क्षेत्र के लोगों ने देखा और भेल प्रशासन सहित वन विभाग को मामले की जानकारी दी गयी थी। लेकिन वन विभाग की टीम के पहुंचने से पूर्व ही गुलदार जंगल में भाग जाता था। बताया जा रहा हैं कि बीती रात वन विभाग को सूचना मिली कि गुलदार को फाउड्री गेट के पास देखा गया है। सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और एक पिजरा लगा कर गुलदार को कैद करने का प्रयास शुरू किया गया। वन विभाग को घण्टों मशकत के बाद देर रात गुलदार को पिजरें में कैद करने में सफलता हासिल हुई। जिसके बाद वन विभाग द्वारा गुलदार को चिडियापुर स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया। जहां पर उसके स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। विभाग के चिकित्सकों के निर्देश के बाद गुलदार को जंगल में छोडा जाएगा। वन विभाग रेंजर दिनेश प्रसाद के अनुसार रात को सूचना मिली कि गुलदार को फाउड्री गेट के पास देखा गया है। जिसपर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गुलदार को पिजरे में कैद करने की कौशिश शुरू कर दी। टीम ने घण्टों मशकत के बाद गुलदार को झांसा देकर पिजरें में कैद किया गया। जिसके बाद गुलदार को चिडियापुर स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया। जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। गुलदार की उम्र करीब पांच वर्ष है। चिकित्सकों व अधिकारियों के निर्देश पर ही गुलदार को जंगल में छोड़ा जाएगा।
