


टस्कर हाथी ने पूरी रात टीम को दौड़ाये रखा
भेल व आसपास क्षेत्रों में था हत्यारे हाथी का आंतक
जंजीरों में जकड़ा हत्यारा हाथी पहुंचा चिकित्सा केन्द्र
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। आखिर भेल क्षेत्र में खौफ का पर्याय बन चुके हत्यारे हाथी को वन विभाग व राजा जी नेशनल पार्क की सयुंक्त टीम ने दबोचने में सफलता हासिल की हैं। सयुंक्त टीम ने ट्रेकूलाइज के जरिये हत्यारे हाथी को दबोचा है। इस अभियान में दो हथनियों को भी शामिल किया गया था, टीम को दोनों की मदद काफी सहयोग मिला। हत्यारे हाथी को ट्रक में लाद कर चिडियापुर स्थित वन विभाग के चिकित्सा केन्द्र ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों की टीम हाथी की जांच करेगी कि कही वह जख्मी तो नहीं। उसके बाद भी चिकित्सकों के निर्देश पर टीम अपनी अगली कार्यवाही करते हुए अधिकारियों के आदेश का पालन करेगी। बता देें कि पूर्व में हत्यारे हाथी को पकड कर जंगल छोडा जा चुका है। लेकिन उसके बाद वह फिर भेल क्षेत्र में धमका। बताते चले कि पिछले एक सप्ताह से भेल क्षेत्र में टस्कर हाथी ने आतंक मचा रखा था। जोकि भेल कर्मी को भेल सेक्टर-1 स्थित आर्य समाज मन्दिर के पास पटक-पटक कर मौत के घाट उतार चुका है। इस घटना के बाद लोगों में खौफ इस कदर बढा की, भेल सहित आसपास के लोगों ने दिन ढलते ही घरों से निकलना व सुबह सैर पर जाना तक छोड दिया था। इतना ही नहीं टिबड़ी में लगने वाली पीठ भी लगनी बंद हो गयी थी। बता दें कि टस्कर हाथी इस घटना से पूर्व भी दो लोगों को मौत के घाट उतार चुका था। इसलिए भेल क्षेत्र में टस्कर हाथी को हत्यारा हाथी के नाम से पुकारे जाने लगा। हत्यार हाथी को वन विभाग व राजा जी नेशनल पार्क की टीम संयुक्त टीम तलाश में जुटी रही, लेकिन हर बार हत्यारा हाथी सयुंक्त टीम को चकमा देने मे कामयाब रहा। भेल क्षेत्र में खौफ का पर्याय बना हत्यारा हाथी पिछले तीन दिनों से सयुंक्त टीम के लिए परेशानी का सबब बना रहा। हत्यारा हाथी कभी मैटीरियल मैन गेट तो कभी मेडिकल काॅलोनी में देखे जाने की सूचना पर सयुंक्त टीम मौके पर पहुंचकर उसको घेरकर दबोचने का प्रयास में जुटी रहती। मगर उसके बावजूद भी हत्यारा हाथी सयुंक्त टीम को चकमा देने में कामयाब रहा। हत्यारे हाथी को दबोचने के लिए किसी भी वक्त सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचने के लिए तैयारी थी। बताया जा रहा हैं कि बीती रात टीम को सूचना मिली कि हत्यारा हाथी भेल मेडिकल काॅलोनी के पास देखा गया है। इस सूचना पर टीम ने मौके पर पहुंचकर हाथी की लोकेशन को देखते हुए अपनी घेराबंदी कर एक्शन में आ गयी। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी हत्यारा हाथी इतना चालक निकला कि वह टीम को फिर चकमा देने मे कामयाब रहा। बताया जा रहा हैं कि हत्यारा हाथी फिर मैटिरियल मैन गेट पर देखे जाने की सूचना पर टीम ने फिर मोर्चा सम्भाला और इस बार उसको भागने का समय नहीं दिया और पूरी रात उसको घेरकर उसको ट्रेकूलाइज करने में जुटी रही। टीम ने सुबह हत्यारे हाथी को रेडार पर लेकर उसको ट्रेकूलाइज कर दिया और क्रेन के द्वारा एक ट्रक में लाद लिया गया। जब हत्यारे हाथी के पकड़े जाने की सूचना लोगों को लगी तो उसके देखने के लिए मौके पर काफी भीड़ जमा हो गयी। जिसको हटाने के लिए टीम व पुलिस को भारी मशकत करनी पड़ी। हत्यारे हाथी को ट्रक से सीधे चिडियापुर वन विभाग के चिकित्सा केन्द्र ले जाया गया। बताया जा रहा हैं कि जहां पर चिकित्सकों की टीम हाथी की जांच करेगी कि कही वह जख्मी तो नहीं। उसके बाद भी चिकित्सकों के निर्देश पर टीम अपनी अगली कार्यवाही करते हुए अधिकारियों के आदेश का पालन करेगी। खौफ का पर्याय बने हाथी के पकड़े जाने पर लोगों सहित विभाग ने राहत की सास ली है।
