काग्रेंस पार्टी में टिकट बंटवारे को लेकर मचा घमासान
दिल्ली हाईकमान ने दिया पूनम भगत को सिम्बल देने का भरोसा
महानगर महिला काग्रेंस अध्यक्षा का इस्तीफा, खडे किये कई सवाल
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। काग्रेंस पार्टी द्वारा मेयर व पार्षद की लिस्ट जारी करने के बाद हरिद्वार काग्रेंस में घामासान मचा हुआ है। मेयर सीट की दो प्रबल दावेदार महिलाओं ने तो खुलकर काग्रेंस द्वारा घोषित प्रत्याशी के विरोध् करते हुए खुलकर बगावत कर समाने आ गयी है। जिनमें एक महिला दावेदार ने तो अपने समर्थकों के साथ मेयर का नामाकंन दाखिल कर दिया। जबकि दूसरी प्रबल दावेदार महानगर महिला काग्रेंस अध्यक्षा ने अपने पद से त्याग पत्र तक दे दिया है। और सीधे-सीधे टिकट दिलवाने वाले नेताओं पर पैसे लेकर टिकट दिलाने का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किये है। बता दें कि प्रदेश काग्रेंस हाईकमान द्वारा काग्रेंस के मेयर, पालिकाध्यक्ष और पार्षदों के नामों की लिस्ट जारी करने के बाद से हरिद्वार में काग्रेंसियों के बीच घामासान बचा हुआ है। टिकट कटने से नाराज काग्रेंसियों ने स्थानीय दो नेताओं पर पैसे लेकर टिकट दिलवाने का आरोप लगाकर काग्रेंस में हड़कम्प मचा दिया है। कुछ काग्रेंसी कार्यकत्र्ता टिकट कटने से नाराज होकर पार्टी के खिलाफ मुखर नहीं होने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है। लेकिन उनका टिकट काट कर टिकट लेने वाले काग्रेंस प्रत्याशी को सबक सिखाने का मन बना चुके है। जबकि कुछ नेताओं ने हिम्मत दिखाते हुए पार्टी से बगावत कर निर्दलीय नामाकंन कर काग्रेंस प्रत्याशी को चुनौती दे डाली है। जिनमें हरिद्वार मेयर सीट के लिए दो महिलाओं पूनम भगत व विमला पाण्डें की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी। लेकिन पार्टी ने दोनों नेत्रियों को टिकट नहीं दिया। आरोप हैं कि काग्रेंसी नेता अशोक शर्मा शहर के स्थानीय दो नेता जोकि टिकट दिलवाने में अहम भूमिका निभाई है। उनके करीबी का लाभ उठाते हुए अपनी पत्नी को मेयर का टिकट दिलवाने में कामयाब रहे है। जिसको लेकर दोनों नेत्रियों में आक्रोश है। जिनमें प्रदेश महिला काग्रेंस नेत्री पूनम भगत ने प्रदेश हाईकमान के घोषणा के विपरित जाते हुए मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ रोशनाबाद पहुंचकर मेयर के लिए नामाकंन किया। जबकि दूसरी प्रबल दावेदार काग्रेंसी नेत्राी विमला पाण्डे ने प्रदेश हाईकमान के टिकट बांटवारे से नाराज होकर महानगर महिला काग्रेेंस अध्यक्षा पद से त्याग पत्र दे दिया है। जबकि दोनों ही नेत्रियां जमीन से जुडी नेत्री हैं जिनको टिकट मिलने की सम्भावना शहर के काग्रेसियों को थी। दोनों नेत्रियों ने अपने-अपने टिकट मिलने की पूरी सम्भावना व्यक्त की थी।

क्या कहना हैं वरिष्ठ काग्रेंसी नेत्री पूनम भगत का
वरिष्ठ काग्रं्रेसी नेत्री पूनम भगत ने बताया कि वह 25 वर्षो से काग्रेंस पार्टी से जुडी हुई है। जिन्होंने महिला काग्रेंस के विभिन्न पदों पर रह कर जनता के बीच जाकर काग्रेंस की नीतियों का प्रसार करते हुए काग्रेंस से जोडा है। हरिद्वार मेयर सीट के लिए उनको प्रदेश हाईकमान सहित शहर के वरिष्ठ काग्रेंसी नेताओं ने भरोसा दिलाया था कि हरिद्वार मेयर सीट पर उनको ही टिकट दिया जाएगा। लेकिन एनवक्त पर उनका टिकट काट दिया गया। जिससे वह सन्न है, जिसकी शिकायत उन्होंने दिल्ली हाईकमान से की है। जहां से उनको भरोसा दिया गया हैं कि हरिद्वार मेयर सीट पर पार्टी का सिम्बल उनको ही दिया जाएगा। इसी भरोसा को लेकर उन्होंने अपने समर्थकों के साथ आज नामाकंन किया है। जब उनसे पूछा गया कि यह नामाकंन निर्दलीय हैं तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका नामाकंन निर्दलीय तौर पर नहीं बल्कि काग्रेंसी की हैसियत से किया है। दिल्ली हाईकमान हरिद्वार मेयर सीट का टिकट उनके नाम पर ही करेगा।

महानगर महिला काग्रेेंस अध्यक्षा विमला पाण्डे का आक्रोश
वरिष्ठ काग्रेंसी नेत्री एवं महानगर महिला काग्रेेंस अध्यक्षा विमला पाण्डे ने हरिद्वार मेयर सीट का टिकट कट जाने से नाराज होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया हैं और सीधे-सीधे टिकट बांटवारे में स्थानीय नेताओं पर पैसे लेकर टिकट दिलाने का आरोप मढ दिया है। जिसको लेकर काग्रेंस पार्टी में हड़कम्प मच गया है। श्रीमती पाण्डे ने सीधे-सीधे सवाल काग्रेंस प्रदेश हाईकमान से पूछा हैं कि क्या महिला काग्रेंस केवल भीड जुटाने व झण्डा उठाने के लिए ही है। ? मुझे जानकारी नहीं कि कभी काग्रेंस पार्टी की ओर से महिला काग्रेंस का सम्मान दिया गया हो? जबकि हरिद्वार मेयर सीट के लिए हरिद्वार से दावेदारों में उनका पहला पत्र था। प्रदेश महिला काग्रेंस अध्यक्षा सरिता आर्य और प्रदेश प्रभारी सुनीता शेरावत ने भी काग्रेंस प्रदेश अध्यक्ष को हरिद्वार मेयर सीट के लिए विमला पाण्डे को टिकट देेने को कहा था। उस वक्त काग्रेंस प्रदेश अध्यक्ष ने भी हरिद्वार मेयर सीट महिला काग्रेंस को सर्मपित करने का अश्वासन दिया था। लेकिन प्रदेश हाईकमान ने टिकट बांटवारे में काग्रेंस महिला की पूरी तरह उपेक्षा की गयी है। जिससे उनको बडा आघात पहुंचा है। वह निकाय चुनाव में काग्रेंस पार्टी के लिए काम नहीं करेगी।

वरिष्ठ काग्रेंसी नेत्री उमा गुजराल ने भी पार्षद का किया नामाकंन
वार्ड नम्बर 5 से तीस वर्षो से काग्रेंस के प्रति सर्मपित रही काग्रेंसी नेत्री उमा गुजराल ने भी प्रदेश हाईकमान के टिकट बाटवारे से नाराज होकर मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ निर्दलीय नामाकंन किया है। उमा गुजराल का कहना हैं कि काग्रेंस प्रदेश हाईकमान ने काग्रेंस के सर्मपित व कर्मठ कार्यकत्र्ताओं की अनदेखी कर ऐसे लोगों को टिकट दिया है। जिनका काग्रेंस पार्टी से कोई सरोकार नहीं है। जिससे दुखी होकर वह अपने सम्मान व वार्ड की जानता के लिए निर्दलीय नामाकंन किया हैं उनको पूरी उम्मीद हैं कि जनता का उनको पूरा प्यार व आर्शीवाद मिलेगा

काग्रेंसी नेता सुमित तिवारी ने भरा पार्षद का पर्चा
वार्ड नम्बर 4 से वरिष्ठ काग्रेंसी नेता सुमित तिवारी ने भी प्रदेश हाईकमान के टिकट बांटवारे से नाराज होकर काग्रेंस से बगावत कर पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय नामाकंन किया है। उन्होंने भी काग्रेंस के सक्रिय कार्यकत्र्ताओं की अनदेखी का आरोप मढा है।
