मुकेश वर्मा
हरिद्वार। नगर निकाय गए चुनाव आते ही आया राम गया राम की राजनीति भी शुरू हो गई है । आज भी दो कांग्रेसियों ने भाजपा का दामन थाम कांग्रेस को झटका दिया। शुक्रवार को जहां निगम क्षेत्र के दो पूर्व पार्षदों ने कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा का दामन थामा, वहीं शनिवार को कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष तरुण नैयर ओर महेश गौड़ ने कांग्रेस को अलविदा कहते हुए भाजपा का दामन थाम लिया। लेकिन वो बात अलग हैं कि कांग्रेस को छोड़ कर भाजपा में जाने वालों का कोई जनाधार नही हैं, इस बात को भाजपा भी जानती हैं। मगर भाजपा विपक्षी दल के नेताओं को तोड़ कर अपने साथ शामिल कर जनता को ना जाने क्या संदेश देने का प्रयास कर रही हैं किसी को समझ नही आ रहा हैं। निगम हरिद्वार के महापौर और पार्षद और शिवालिक नगर पालिकाध्यक्ष और सभासद के चुनाव लड़ने वाले दावेदारों की सूची लंबी है। पार्षद के लिए गुरुवार को 60 सीटों के लिए 200 से अधिक लोगों ने दावेदारी की। महापौर पद के लिए भी दावेदारों की लमबी फेहरिस्त है। इनमें अनिता शर्मा, संतोष चौहान, पूनम भगत, करुणा शर्मा, मोनिका जैन, विमला पांडे आदि शामिल हैं। अपनी दावेदारी पुख्ता करने के लिए कोई दून तो कोई दिल्ली की दौड़ लगा रहा है। बहरहाल शुक्रवार शाम तक कांग्रेस दावेदारों की सूची फाइनल होने की बात कही जा रही थी, लेकिन कुछ नामों पर सहमति न बन पाने के चलते पेच फंस गया। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि किसी के जाने से संगठन पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा। गत दिवस कांगेसी नेता भूपेन्द्र व सचिन बेनीवाल ने भाजपा का दामन थामा है जिस तरीके की चर्चाएं चुनावी शंखनाद पूर्व चल रही थी चुनावी शंखनाद के बाद वह चर्चाएं सही सबित होती दिख रही हैं। जहां एक ओर कांग्रेस का कुनबा सिकुड़ रहा हैं वहीं भाजपा परिवार में बढ़ोत्तरी होती दिखाई दे रही हैं। इसी को भाजपा के नेता अपनी जीत मानकर चल रही हैं। शुरूआत हुई युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष शुभम मेंदोला से। जिन्होंने ने अपने समर्थको सहित कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था । अब निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही सीमा देवी, भूपेन्द्र व सचिन ने कांग्रेस का छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया हैं। ताजा मामला कांग्रेसी पार्षद सीमा देवी ,कांग्रेसी नेता भूपेन्द्र व सचिन बेनीवाल का कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल होने का हैं। दोनों युवा नेताओं व सीमा देवी को कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के प्रतिनिधि मुकेश कौशिक ने भाजपा ज्वाईन कराई। लगातार हो रही सेंध मारी कांग्रेस में बैचेनी हैं तो कहीं न कहीं जिस तरीके से तोड़ – फोड़ की राजनीति हो रही हैं कांग्रेस उसको देखकर चिंतित नजर आ रही, कही उनकी पार्टी का बड़ा नेता भी उनको टाटा बॉय बॉय न कर दे। अब कांग्रेस के लिए भाजपा को चुनाव में शिकस्त देने के साथ साथ अपने नेताओं को बांध कर रखना बड़ी चुनौती हैं।
