हर शख्स की निगाह पैमाइस टीम पर टिकी
ललतारो पुल से हरकी पौडी तक के व्यापारियों की धडकने बढी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। शहर के भीतर व्यापारियों सहित आम लोगों में अतिक्रमण हटाओं अभियान का हउआ बना हुआ है, ना जाने प्रशासन का बुलडोजर उनके निर्माण को अतिक्रमण समझ कर ना गिरा दे। यही शहर के हर शख्स की मनोस्थिति बनी हुई है। जिन क्षेत्रों से प्रशासन का बुलडोजर अपनी कार्यवाही कर आगे निकल चुका है। वहां के लोगों ने राहत की सास ली है। अतिक्रमण हटाओं अभियान से सीधे तौर पर जुडी लोक निर्माण की टीम पर पैमाइस में भेदभाव के आरोप लग रहे है। इसी भेदभाव को लेकर ज्वालापुर क्षेत्र स्थित खन्ना नगर के समीप और डिग्री काॅलेज के बाहर अतिक्रमण हटाओं अभियान के नेतृत्व करने वाले सिटी मजिस्ट्रेट और एडीएम एवं नगर आयुक्त को दोबारा पैमाइस करानी पड़ी थी। यही कारण हैं कि रेलवे रोड हरिद्वार में भी अभियान टीम अपनी कार्यवाही काली कमली धर्मशाला से आगे नहीं बढ पायी है। बता दे कि पंचपुरी में हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान प्रशासन, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की सयुंक्त टीम द्वारा चलाया जा रहा है। इस टीम ने कनखल से अपने अभियान की शुरूआत की थी और ज्वालापुर, रानीपुर और देवपुरा तक अपना अभियान को पूरा करते हुए हरिद्वार शहर में प्रवेश कर चुकी है। अतिक्रमण के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान पर व्यापारियों सहित राजनैतिक दलों ने पारदर्शिता से काम न करने और भेदभाव का आरोप लगाया था। जिसको लेकर शहर हरिद्वार के व्यापारियों ने एक दिवसीय बाजार बंद का आहवान किया था। जिसमें व्यापार मण्डल का आहवान पूरी तरह सफल रहा था। अतिक्रमण हटाओं अभियान की टीम ने जैसे ही हरिद्वार शहर के भीतर प्रवेश किया, तभी से अभियान टीम को व्यापारियों का विरोध् का समाना करना पड़ रहा है। अतिक्रमण हटाओं अभियान टीम ने रेलवे स्टेशन रोड से काली कमली धर्मशाला तक व्यापारियों के दुकानों के बोर्डो को उखाड कर अपना अभियान शुरू किया। लेकिन जैसे ही अभियान टीम काली कमली धर्मशाला के पास पहुंची, उसको व्यापारियों को विरोध् का सामना करना पड़ा। जिसकारण प्रशासनिक अधिकारियों को अपना अभियान बीच में छोडकर वापस लौटना पड़ा साथ ही सीटी मजिस्ट्रेट मनीष कुमार ने विरोध् करने वाले व्यापारियों से दस्तावेज लेकर उनके कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया। जिसपर कुछ व्यापारी लोक निर्माण विभाग द्वारा गलत तरिके से पैमाइस करते हुए निशान लगाने का आरोप लगाया और खुद के पास दस्तावेजों को दिखाया। बताया जा रहा हैं कि जिसपर अधिकारियों व व्यापारियों के बीच दस्तावेजों के देखने के बाद सहमति बनी और व्यापारियों से सोमवार तक खुद अपने अतिक्रमण को ध्वस्त करने को कहा गया है। जिसपर काली कमली धर्मशाला के बाहर के व्यापारियों ने सहमति के आधार पर अपने अतिक्रमणों को स्वयं ही ध्वस्त कर दिये है। इतना ही नहीं शनिवार को लोक निर्माण विभाग टीम पैमाइस के लिए हरकी पौड़ी की ओर निशान लगाने के लिए बढ गयी। आरोप हैं कि पुराने ट्रैक्सी स्टैण्ड के पास व्यापारियों ने फिर लोनिवि टीम पर गलत तरिके से पैमाइस करने को लेकर विरोध किया था। देखा जाए तो शहर के भीतर हर किसी की जुबांन पर इनदिनों अतिक्रमण को लेकर प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्यवाही को लेकर चर्चा है। अतिक्रमण हटाओं अभियान की टीम सोमवार यानि कल से काली कमली धर्मशाला से अतिक्रमण के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगी। इस अभियान को लेकर ललतारो पुल, पोस्टआॅफिस, अपर रोड और हरकी पौड़ी क्षेत्र के व्यापारियों सहित आम लोगों के दिल की धडकन बढ रही है। उनके भीतर यह सवाल धुम रहा हैं कि कही प्रशासन की टीम उनके निर्माण को अतिक्रमण की श्रेणी में लाकर ध्वस्त ना कर दे। जिसको लेकर उनमें इस कार्यवाही को लेकर हउआ बैठा हुआ है।
