♦लक्सर एमसीएच विंग ने गम्भीर हालत में गर्भवती महिला को किया था एनपीपीएल रेफर
♦गर्भवती महिला को पड रहे थे दौरे, दो दिनों तक महिला को वेंटीलेटर पर रखा
♦हॉस्पिटल की महिला रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों ने स्वास्थ्य लाभ देकर कराया कुशल प्रसव
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। एनपीपीएल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परिचर्या इकाई हॉस्पिटल जनपद हरिद्वार में जच्चा-बच्चे के लिए वरदान साबित हो रहा है। एनपीपीएल हॉस्पिटल में महिला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक गर्भवती महिलाओं के लिए देवदूत बनकर उभरी है। जनपद हरिद्वार में गर्भवती महिलाओं के लिए ऐसे सरकारी हॉस्पिटल की मांग की जा रही थी कि जहां पर गर्भवती महिलाओं समेत जच्चा-बच्चा को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाए उपलब्ध हो और उनको निजी हॉस्पिटल या फिर अन्य जनपद की ओर दौड ना लगाने पडी।
एनपीपीएल हॉस्पिटल लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतर रहा है। जहां पर गम्भीर गर्भवती महिला का भी उपचार कुशलता के साथ किया जा रहा है। ऐसा एक मामला लक्सर की गर्भवती महिला का सामने आया है, जिसको गम्भीर हालत में एनपीपीएल हॉस्पिटल लाया गया था। इस गर्भवती महिला को दो दिनों तक वेंटीलेटर पर रखकर स्वास्थ्य लाभ देकर कुशल प्रसव कराया गया। जिसमे जच्चा-बच्चा दोनों स्वास्थ्य है।
एनपीपीएल हॉस्पिटल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. मनोज मिश्रा ने बताया कि लक्सर की एक गर्भवती महिला प्रियंका को लक्सर एमसीएच विंग से एनपीपीएल हॉस्पिटल रेफर किया गया था। गर्भवती महिला प्रिंयका की हालत बेहद खराब थी, जिसको दौरे पड रहे थे। जिसकारण महिला और उसके बच्चे दोनों की जान का खतरा था। महिला को हॉस्पिटल के स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की टीम ने स्वास्थ्य लाभ देते हुए उसका सुरक्षित प्रसव कराया गया। महिला की स्थिति बेहद नाजूक थी, जिसकारण महिला की जान बचाने के लिए महिला को दो दिनों तक वेंटीलेटर पर रखा गया। महिला के स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद जच्चा और बच्चा दोनों पूर्ण रूप से स्वास्थ्य है। हॉस्पिटल में महिला की डिलवरी से लेकर पूरे उपचार करने तक महिला के परिवार से कोई पैसा नहीं लिया गया, जोकि पूरा निशुल्क रहा। महिला के पति समेत परिजनों ने हॉस्पिटल के चिकित्सकों का आभार जताया है।
उन्होंने बताया कि महिला का उपचार और उसकी सकुशल प्रसव कराने मे महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. अनामिका और क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉ. अस्था सिंह ने अहम भूमिका निभाई। जच्चा-बच्चे के पूर्ण रूप से स्वास्थ्य होने पर दोनों को एक-दो दिन में हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। बता दें कि अब तक जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं को बैड की कमी या फिर हाईटेक मशीनों की कमी के चलते हॉयर सेंटर रेफर होना पडता था। लेकिन जब से सरकार द्वारा जिला अस्पताल के बंगल में बने नये हॉस्पिटल को पीपीपी मोड पर नोवस पैथोलॉजी प्राईवेट लिमिटेड को दिये जाने के बाद गर्भवती महिलाओं को भारी राहत मिली हैं।



