♦200 बेड की मदर और चाइल्ड विंग की सेवाए प्रारंभ होने जा रही
♦25 मार्च को नवनिर्मित अस्पताल की ओपीडी♦आईपीडी सेवाए चालू करने का लक्ष्य किया निर्धारित
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। हरिद्वार वासियों के लिए स्वास्थ सेवाओं के संबंध में एक सुखद खबर सामने आई हैं, अब तक शहर जो बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है, अब उत्तराखंड सरकार पीपीपी मॉड में 200 बेड मदर और चाइल्ड विंग की सेवाए प्रारंभ करने जा रही है। इसके लिए नोवस पैथोलॉजिस् प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विश्व प्रतिष्ठित श्री स्वामीनारायण ट्रस्ट के साथ मिलकर अस्पताल का संचालन किया जाएगा। जिसकी टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इस बात की जानकारी नोवस पैथोलॉजिस् प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर डॉ मनोज मिश्रा ने दी।
उन्होंने बताया कि श्री स्वामीनारायण यूनिवर्सिटी गुजरात के द्वारा भारत के कई शहरों में दो हज़ार बेड के अस्पताल, मेडिकल कॉलेज संचालित कर सेवा का कार्य किया जा रहा है और लगभग पच्चीस हज़ार छात्र इनमे शिक्षा ले रहे है और प्रतिवर्ष चिकित्सक शिक्षा प्राप्त करके अपनी पूरे भारतवर्ष और विदेशों में अपनी सेवाए दे रहे है।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में विगत दिनांक 14 मार्च को हुई थी। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ आर के सिंह और कंपनी के निदेशक एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ मनोज द्वारा भाग लेते हुए आज 17 मार्च को मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार डॉ आर के सिंह द्वारा नोवस पैथोलॉजिस को अस्पताल के हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी किए जाने और 25 मार्च को नवनिर्मित अस्पताल की ओपी डी, आईपीडी सेवाए चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डॉ मिश्रा ने बताया कि अस्पताल के संचालन का कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं । अस्पताल अपनी सेवाए तीन चरणों में मई माह तक पूरी करेगा, पहले चरण में 100 बेड, दूसरे चरण में 150 और तीसरे चरण में पूर्ण रूप से अपनी सेवाए 24 घंटे प्रदान करेगा। इसके लिए 6 महिला रोग विशेषज्ञ, 4 एनेस्थीसिया, दो बाल रोग, दो फिजिशियन, दो सर्जन, तीन ऑर्थोपेडिक्स और ट्रामा सर्जन, २ रेडियोलॉजिस्ट, एक पैथोलॉजिस्ट, 15 एमबीबीएस आरएमओ, 100 स्टाफ नर्स और सपोर्टिंग स्टाफ आदि की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि इससे स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे है। यह अस्पताल सरकारी होते हुए प्राइवेट जैसी उच्च कोटि की सुविधाएं प्रदान करेगा और गंभीर मरीजों, महिलाओं नवजात बच्चो को अब ऋषिकेश या देहरादून जाने की आवश्यकता नही पड़ेगी ।अस्पताल के प्रथम चरण में तीन स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, दो नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ ओपडी सेवाए, चौबीस घंटे इमरजेंसी, 19 बेड आईसीयू, 10 बेड आईसीयू, 7 लेबर रूम, 100 जच्चा बच्चा वार्ड 22 नवजात शिशु इकाई, डाइलिसिस, कंगारू मदर केयर, चौबीस घंटे लैब, एम्बुलेंस, महिलाओ के सभी प्रकार के जटिल से जटिल ऑपरेशन आदि आरम्भ की जा रही है।
उन्होंने बताया कि दूसरे और तीसरे चरण में रेडियोलॉजी और जनरल सर्जरी, 24 घंटे, नियोनेटोलॉजी आदि की सेवाए भी आरम्भ की जाएँगी। यहाँ पर यह भी अवगत करना है कि अस्पताल आगामी दो वर्षों में NABH और हरिद्वार में पहली बार रिसर्च और पीजी कोर्स भी आरम्भ करने जा रहा है जोकि एक गर्व का विषय है।
डॉ मनोज मिश्रा ने बताया कि यहाँ यह मिथक भी तोड़ने का प्रयास है कि पीपीपी मॉड उत्तराखंड में सफल नहीं हुए है और इस अस्पताल को सही से संचालित करने के उपरांत इसके औपचारिक उद्घाटन की प्रक्रिया की जाएगी जो अप्रैल माह के अंत में प्रस्तावित है। जिसमे केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री, स्वामीनारायण ट्रस्ट के प्रमुख शास्त्री प्रेम सुख दास जी, स्वामी भक्तवत्सलदास जी, गुजरात सरकार के वरिष्ठ मंत्री उत्तराखंड के मुख्य मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री,विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि आदि लोग शामिल होंगे।



