♦घटना से गुस्साएं पंजाबी महासभा, व्यापारी, कांग्रेसी नेता व आम नागरिक धरने पर बैठे
♦एडीएम, एसडीएम, एसपी सिटी, सीओ सिटी समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा
♦अधिकारियों ने गुस्साए लोगों को शांत कराने का किया प्रयास, गुस्साएं लोग कार्यवाही पर अडे
♦डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में जांच टीम गठित, तीन दिन मे रिपोर्ट सौपने के निर्देश
♦एडीएम के अश्वासन पर गुस्साएं लोग हुए शांत, गुस्साएं लोग धरने से उठे
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। जिला अस्पताल मे एक बार फिर घोर लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है। जिला अस्पताल हरिद्वार की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए डीप फ्रिजर में रखे शव को चूहों ने कूतर डाला। जिसकी जानकारी शनिवार की सुबह परिजनों के पहुंचने पर हुई, जब परिजनों ने शव को फ्रिजर से बाहर निकाला तो, शव की एक आंख, नाक और सिर को चूहों द्वारा कूतरा हुआ था। जिसको लेकर परिजनों में अस्पताल प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा करते हुए तोडफोड की। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और गुस्साएं लोगों को शांत कराया।
घटना की जानकारी पर पंजाबी महासभा के जुडे लोग, व्यापारी और कांग्रेसी भी मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गये। डीएम के निर्देश पर एडीएम के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गयी है। टीम को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौपने के निर्देश दिये गये है। जिसके बाद गुस्साए लोग शांत हुए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती शाम को ज्वालापुर पंजाबी धर्मशाला प्रबंधक लक्की शर्मा पुत्र स्व. विनोद शर्मा (36) की अचानक तबीयत बिगडने पर उसको उपचार के लिए एम्बुलेंस से उप जिला मेला अस्पताल लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने लक्की शर्मा को मृत घोषित कर शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया। बताया जा रहा हैं कि लक्की शर्मा समाजसेवी थे और उन्होंने अपने अंग और नेत्रदान करने की इक्छा पहले से ही जाहिर कर चुके थे। इसलिए उनके परिजनों द्वारा नेत्रदान के लिए चिकित्सकों को कहा गया था।
बताया जा रहा हैं कि परिजनों के कहने पर एम्स ऋषिकेश से चिकित्सकों की एक टीम रात करीब 10 बजे जिला अस्पताल पहुंची थी, लेकिन समुचित बिजली की व्यवस्था ना होने के कारण वापस लौट गयी थी। बताया जा रहा है कि मृतक के परिजन आज सुबह जब जिला अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचे और उन्होंने डिप फ्रिजर में रखे शव को बाहर निकाला तो शव की हालत देखकर दंग रह गये। चूहों ने शव की एक आंख, नाक और सिर को बुरी तरह कुतरा हुआ था। जिसको लेकर परिजनों ने जिला अस्पताल प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराते हुए हंगामा किया।
इस बात की जानकारी मिलते ही पीडित परिजनों के शुभचिंतक, पंजाबी महासभा के पदाधिकारी, पंजाबी समाज के लोग, व्यापारी और कांग्रेसी जिला अस्पताल पहुंचे। जिन्होंने शव की हालत देखकर जिला अस्पताल प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। इसी दौरान मृतक परिजनों की ओर से अस्पताल में तोडफोड शुरू कर दी। जिससे अस्पताल में अफरा तफरी का माहौल हो गया। कांग्रेसियों ने जिला अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर सडक पर धरने पर बैठ गये।
सूचना पर एडीएम प्रशासन पीआर चौहान, एसडीएम जितेन्द्र कुमार, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने पीडित परिवार से घटना की जानकारी लेते हुए अस्पताल प्रबंधन से पीडित परिवार के आरोपों के सम्बंध में जानकारी जुटाई गयी। घंटो हंगामे के बाद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर एडीएम प्रशासन पीआर चौहान के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित कर दी गयी। जांच टीम को तीन दिन के भीतर जांच की रिपोर्ट सौपने को कहा गया है।
अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान ने बताया कि डीएम के निर्देश पर उनके नेतृत्व में एक जांच टीम गठित की गयी है। जांच टीम को अपनी रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर सौपने के निर्देश दिये गये है। जांच टीम सभी सम्भावित बिंदुओं पर जांच कर अपनी रिपोर्ट डीएम को सौपेगी। जांच मे अगर अस्पताल के किसी भी अधिकारी या फिर कर्मचारी की लापरवाही सामने आती हैं तो उसके खिलाफ कार्यवाही अमल मंें लाई जाएगी। इस अश्वासन के बाद गुस्साएं लोग शांत हुए।
