♦निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वार्ड नम्बर 35 में पकड़ी भारी अनिमितताए
♦कार्यवाहक सुपरवाइजर ने अनुपस्थित दो महिला को दिखाया गया था उपस्थित
♦नगर आयुक्त ने कार्यवाहक सुपरवाइजर की लापरवाही को माना गम्भीर
♦चेतायाः नगर निगम में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही व शिथिलता नहीं होगी बर्दाश्त
मुक्रेश वर्मा
हरिद्वार। नगर निगम हरिद्वार नगर आयुक्त नंदन कुमार ने कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में एक कार्यवाहक सुपरवाइजर को तत्काल निलंबित किया है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया हैं कि किसी भी कीमत पर कार्य में लापरवाही व शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी कर्मी व अधिकारी की लापरवाही व अनुशासनहिनता सामने आजी हैं, तो उसको बख्शा नहीं जाएगा।
नगर निगम अपर नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी ने बताया कि नगर आयुक्त नंदन कुमार आईएएस के निर्देशों के क्रम में वार्ड संख्या 35 में नगर निगम अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यप्रणाली में गंभीर अनियमितताएँ एवं शिथिलता पाए जाने पर संबंधित कार्यवाहक सुपरवाइज़र के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्यवाही की गई है।
उन्होंने बताया कि निरीक्षण टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि वार्ड संख्या 35 में तैनात दो महिला कर्मचारी ड्यूटी के वक्त अनुपस्थित पाई गईं, जबकि सुपरवाइज़र द्वारा उन्हें कार्यरत दर्शाए जाने की शिकायत प्राप्त हो रही थी। जांच में पाया कि कर्मचारियों के उपस्थिति पत्रक सुपरवाइज़र द्वारा 4-5 दिन बाद भरे जा रहे थे, जिससे अभिलेखों में हेरफेर की आशंका स्पष्ट हो रही थी।
श्री गोस्वामी ने बताया कि जब निरीक्षण टीम ने दोनों महिला कर्मचारियों के संबंध में जानकारी मांगी, तो सुपरवाइज़र ने उन्हें अवकाश पर बताया गया, जबकि इससे पूर्व उन्हें लगातार ड्यूटी पर उपस्थित दिखाया गया था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने इन सभी तथ्यों को कर्तव्य में घोर लापरवाही, अभिलेखों में अनियमितता तथा गलत विवरण प्रस्तुत करने के रूप में अत्यंत गंभीर माना गया। उपलब्ध तथ्यों एवं निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर नगर आयुक्त नंदन कुमार द्वारा संबंधित सुपरवाइज़र के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी किए गए।
उन्होंने बताया कि नगर आयुक्त द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि नगर निगम में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा अभिलेखों में हेरफेर को किसी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण सत्यनिष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिये है।
