कर्मचारी संघ का अपनी मांगों के लिए चौथे चरण भी आंदोलन जारी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के आंदोलन के क्रम में सोमवार को शिक्षणेत्तर संघठन के तत्वाधान में गुरुकुल ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज हरिद्वार, मुख्य परिसर हर्रावाला के कार्मिकों ने चौथे चरण में कार्य बहिष्कार किया गया। ऋषिकुल परिसर में कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के दिनेश ठाकुर तथा संचालन मोहित मनोचा और चंद्र प्रकाश ने संयुक्त रूप से किया।
आंदोलन कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष खीमानंद भट्ट व राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चतुर्थ वर्गीय संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री तिवारी व संरक्षक अशोक राणा ने सयुक्त रूप से कहा कि कार्मिकों के प्रति विश्व विद्यालय प्रशासन के उदासीन रवैये को देखते हुए हम बहुत दुखी है। प्रशासन द्वारा कर्मचारियों का वेतन तीन माह के बाद आहरित किया गया है। परन्तु वेतन के सम्बंध में प्रशासन द्वारा यदि कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा।
संध्या रतूरी व लक्ष्मी उनियाल ने संयुक्त रूप से कहा कि विश्व विद्यालय प्रशासन यदि चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की पदोन्नति पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं करता तो, कर्मचारी निरन्तर धरना प्रर्दशन करते रहेंगे। कार्मिकों की वेतन के अतिरिक्त भी अन्य मांगे हैं। जिन पर लिखित रूप से प्रशासन ने कार्मिकों को आश्वस्त के उपरांत भी प्रशासन की चुप्पी हैरान करने वाली है। यदि जल्द ही हमारी मांगो का निस्तारण नहीं किया तो हमको विवश होकर आंदोलन को उग्र बनाया जाएगा।
संघ की उपाध्यक्ष श्रीमती सुनीता चंद तिवारी तथा श्रीमती बीना मठपाल व चंदन सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कार्मिकों को बार-बार झूठा आश्वासन देकर अपनी मनमानी करता रहा है, नर्सिंग, एक्सरे टेक्नीशियन के 4600 ग्रेट पे के संबंध में बार बार अनुरोध करता है, किंतु अब हम पीछे हटने वाले नहीं है। जब तक सभी मांगो का निस्तारण नहीं किया जाता हम आंदोलन को समाप्त नहीं करेंगे।
संघ की कोषाध्यक्ष अनिल नेगी व शैलेश ने संयुक्त रूप से कहा कि विश्व विद्यालय के मुख्य परिसर में चिकित्सालय संचालित किया जा रहा है । प्रशासनिक भवन में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सालय में फार्मासिस्ट, चीफ फार्मासिस्ट ,नर्सिंग संवर्ग में सहायक नर्सिंग आधिकारी, मैट्रन आधिकारी के पद सर्जित नहीं है। पदों के सृजन के लिए बार-बार प्रशासन से निवेदन किया जाता रहा है। प्रशासन पदों के सृजन के संबंध में उदासीनता व्यक्त बना हुवा है। जोकि कार्मिकों के लिए भविष्य व सामाजिक रूप से चिंताजनक विषय है।
चतुर्थ श्रेणी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा, आडिटर मोहित मनोचा, नीमा , नित्या, राकेश कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि विश्व विद्यालय वेतन आदि अन्य मागों को निस्तरित करने में कोई ठोस निणय लेने असमर्थ है, तो राजकीय ऋषिकुल गुरुकुल आयुर्वेद कालेज को पूर्व की भाति राज्य सरकार के नियंत्रण में कर दिया जाए। जिससे हमारा वेतन अन्य देयको का भुगतान कोषागार के माध्यम से हो सके।
आंदोलन में समीर पांडेय, मीनाक्षी गौड, सुरेंद्र सिंह, जगजीत सिंह, कमल कुमार, नितिन कुमार, चंद्रपाल, रोहित कुमार, बीना मठपाल, राजपाल, मोनिका वर्मा, चंद्र कला, सतीश कुमार, बृजेश, दिलबर सिंह सत्कारी, रमेश पंत, रामपाल, आशुतोष, उपासना, कुशुम अनुभा भट्ट, शैलेश, प्रवीण रश्मि , नित्या बाला देवी केलाशो, विनोद कुमार, अमित कुमार, ममता बिष्ट, डॉली, आदि अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
