कुलसचिव और संघ प्रतिनिधिमण्डल वार्ता में नहीं निकला कोई हल
आंदोलन को ओर अधिक उग्र बनाने की तैयारी में जुटा संघ
चेतायाः कर्मचारियों की मांगों के निस्तारण पर ही होगा आंदोलन समाप्त
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। आयुर्वेदिक विश्विद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने ऋषिकुल, गुरुकुल आयुर्वेदिक चिकित्सालय, कालेज में अपनी मांगों को लेकर पूर्व निर्धारित आंदोलन कार्यक्रम के तहत शनिवार को दूसरे चरण में 10 से 12 बजे तक धरने पर बैठकर प्रदर्शन किया। जिसकी अध्यक्षता ऋषिकुल, गुरुकुल में दिलबर सिंह सत्कारी एवं श्रीमती कांता अस्सिटेंट मेट्रन व संचालन मोहित मनोचा, रमेश चंद्र पंत, राकेश चंद्र ने सयुंक्त रूप से किया। दूसरे दिन प्रदर्शन के दौरान ऋषिकुल, गुरुकुल, आयुर्वेद विश्विद्यालय हर्रावाला देहरादून में अपनी मांगों को लेकर चिकित्सालय रैली निकाल कर प्रदर्शन किया गया। संघ नेतओं ने चेताया कि जब तक कर्मचारियों की पदोन्नति, गोल्डन कार्ड, मृतक आश्रित की नियुक्ति, उनके देयक, वेतन विसंगति दूर नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा, जरूरत पड़ने पर आंदोलन को ओर उग्र किया जायेगा।

विश्विद्यालय शिक्षेणत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष केएन भट्ट, वरिष्ठ नेता जगजीत कैंतुरा, समीर पांडेय, अमित लाम्बा, अनिल कुमार, उप सचिव छत्रपाल सिंह चौहान ने सयुंक्त रूप से आरोप लगाया कि कर्मचारियों के प्रदर्शन को अभी तक कुलपति ने संज्ञान नहीं लिया है। यानि कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। जिसको किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर किसी भी हद तक जाना पड़े, तो पीछे नहीं हटेगे। 27 मार्च को आंदोलन के तीसरे चरण में तीन घंटे का कार्य बहिष्कार उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर कर किया जाएगा, उसी दिन आंदोलन की रणनीति को धारदार बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुलसचिव डॉ अनूप कुमार गक्खड़ द्वारा दूरभाष पर अनौपचारिक रूप से कर्मचारी संघ पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया गया। वार्ता के दौरान कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मण्डल ने कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की बात रखी गयी, लेकिन कर्मचारियों की मांगों पर कोई सकारात्मक जबाब न मिलने पर बैठक बेनतीजा साबित हुई। जिसपर कर्मचारी संघ प्रतिनिधिमण्डल ने कुलसचिव को स्पष्ट तौर पर चेताया हैं कि कर्मचारियों की मांगों का निस्तारण ना होने पर उनको आंदोलन जारी रहेगा और आंदोलन को अपनी मांगों को मनवाने के लिए उग्र किया जाएगा।
चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएँ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा,संयुक्त सचिव मोहित मनोचा, उपशाखा उपाध्यक्ष ताजबर सिंह नेगी, अध्यक्ष राकेश चन्द्र, ऋषिकुल उपशाखा के मनोज पोखरियाल, विनोद कश्यप ने संयुक्त रूप से कहा कि 27 मार्च से तीसरे चरण में तीन घण्टे का उपस्थिति लगाकर कार्य बहिष्कार किया जायेगा, जब तक मांग पूरी नही होती आंदोलन वापस नहीं होगा। आयुर्वेद विश्विद्यालय कर्मचारी महासंघ उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने हर्रावाला विश्विद्यालय में आंदोलन स्थल पर पहुंच कर आंदोलन को समर्थन दिया और कुलपति को कर्मचारियों की मांगों के निराकरण के लिए ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की गयी।
प्रदर्शन दौरान के चंद्रा, अनिल नेगी, दिलबर सिंह सत्कारी, दिनेश लखेड़ा, राजेन्द्र तेश्वर, पुष्पा, संध्या रतूड़ी, बालादेवी, प्रियंका आर्य, भारती, पूजा पोखरियाल, विवेक तिवारी, रोहित, रश्मि, कविता, शोभा, स्वाति, मीनाक्षी, सुमित, दीपक ज्योति नीलम, दयाल सिंह, प्रवीण, सुदामा जोशी, सतीश, केएन भट्ट, समीर पांडेय, सुनीता तिवारी, छत्रपाल सिंह, विनोद, चन्द्रप्रकाश, प्रियंका, स्मिता, वंदना, विमला, डोली,जगजीत कैंतुरा, राकेश चंद्र,उत्तम कुमार,राजपाल सिंह, राकेश चन्द्र, मनीष, ताजबर सिंह, कश्मीरी लाल, रमेशचंद्र पंत, लोकेंद्र, संदीप, धुर्व, अरुण, अमित, कांता, कला, नित्या, ममता, मनीषा, मनोज पोखरियाल, सुनील, प्रमोद, अमित लाम्बा, उपाशना, नीमा, नाथी, दयाल, जोहर सिंह,नवीन, रोहन, इत्यादि शामिल रहे। कुलसचिव से वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमण्डल में केएन भट्ट, समीर पांडेय, दिनेश लखेड़ा, सुनीता तिवारी, छत्रपाल सिंह, दिलबर सिंह सत्कारी, नितिन, इत्यदि शामिल रहे।
