स्नान पर्व पर सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
डीआईजी ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर देते रहे अधीनस्थों को निर्देश
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। गंगा दशहरा स्नान पर्व पर देश के विभिन्न प्रांतों से आये लाखों श्रद्धालुओं ने हरकी पौड़ी समेत शहर के अलग-अलग गंगा घाटों पर स्नान कर पुण्य अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के पश्चात मन्दिरों में पूजा अर्चना करते हुए परिवार सहित शुभचिंतकों की कुशलता की कामना की। श्रद्धालुओं के स्नान कर अपने गतंव्यों की ओर वापस लौटने व स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचने का सिलसिला लगातार बना हुआ है। गंगा दशहरे के अगले दिन निर्जला एकादशी स्नान पर्व हैं, इस पर्व पर स्नान, ध्यान व दान का बड़ा महत्व है।
प्रशाासन की ओर सें गंगा दशहरा एवं निर्जला एकादशी को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गये है। स्नान पर्व की पूर्व संध्या से ही प्रशासन की ओर से अपनी व्यवस्थाओं को अमली जामा पहनाया गया था। निर्जला एकादशी पर भी प्रशासन की गंगा दशहरा पर्व वाली ही व्यवस्था ही लागू की गयी है।
तीर्थनगरी हरिद्वार में तड़के से ही श्रद्धालुओं को हुजूम गंगा स्नान के लिए हरकी पौड़ी समेत शहर के विभिन्न घाटों पर उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद मन्दिरों में पूजा अर्चना की। प्रशासन की ओर से सोमवती अमावस्या स्नान पर्व की भांति अपनी व्यवस्थाओं को गंगा दशहरा एवं निर्जला एकादशी पर लागू किया गया है, लेकिन सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर उत्पन्न हुई खामियों को सुधारते हुए उनको दुरूस्थ किया गया है। प्रशासन की ओर से गंगा स्नान एवं निर्जला एकादशी स्नान पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए मेला क्षेत्र को 04 सुपर जोन, 16 जोन तथा 37 सेक्टर में बांटा गया है।
तीर्थनगरी में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गये है, ताकि स्नान के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े। जीरो जोन में किसी प्रकार के वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गयी थी। गंगा दशहरा स्नान पर्व पर भी एकल मार्ग व्यवस्था को लागू किया गया था। जिसके तहत श्रद्धालुओं को हरकी पौड़ी समेत अन्य गंगा घाटों तक पहुंचाने रूट निर्धरित किया गया है। विभिन्न प्रांतों से ट्रेन व बस से हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को हरकी पौडी पहुंचाने के लिए शिवमूर्ति से उनको डायवर्ड किया गया है।
प्रशासन ने मार्गो पर श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव कम करने के लिए हरकी पौडी, अपर रोड़ व रेलवे रोड़ को केवल स्नान करने के बाद वापस लौटने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित रखा गया। जबकि स्नान करने के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग से रूट निर्धरित किया गया है। स्नान पर्व पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं की आगमन को देखते हुए यातायात व सुरक्षा के व्यापक बदोबस्त करते हुए पुलिस प्रशासन ने अपनी व्यवस्थाओं को स्नान पर्व की पूर्व संध्या से ही अमली जामा पहना दिया गया था। श्रद्धालुओं के स्नान कर अपने गतंव्यों की ओर वापस लौटने व स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचने का सिलसिला लगातार बना हुआ है।
डीआईजी व एसएसपी डाॅ. योगेन्द्र सिंह रावत स्नान पर्व पर देर रात से ही अपनी नजर बनाये हुए है। जिन्होंने हरकी पौड़ी समेत अन्य स्थलों को भी निरीक्षण लेते हुए मेले में तैनात अपने अध्ीनस्थों से व्यवस्थाओं के सम्बंध् मंे जानकारी लेते हुए श्रद्धालुओं की बढती भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए दिशा निर्देश दिये।
