पुलिस ने किशोरी को हाल ही में देवबंद से किया था बरामद
सूचना पर एसडीएम, सीओ समेत अधिकारी मौके पर पहुंचे
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। सिड़कुल थाना क्षेत्र स्थित आश्रय गृह में बुधवार को एक किशोरी का शव संदिग्ध् परिस्थितियों में फंदे से झुलता मिलने से हड़कम्प मच गया। सूचना पर पुलिस, एसडीएम, सीओ , तहसीलदार समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए घटना की जानकारी ली। आश्रय गृह में हुई घटना ने वहां के व्यवस्था पर प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खडे कर दिये है। प्रथम दृष्ट्या पुलिस घटना को आत्महत्या मान कर चल रही है। तहसीलदार ने मृतका का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिडकुल थाना क्षेत्र रावली महदूद स्थित आश्रय गृह में हाल ही में देवबंद से बरामद की गयी किशोरी का शव आज फंदे से झूलता मिला। जिसकी जानकारी लगते ही प्रशासन में हड़कम्प मच गया। सूचना पर सिडकुल थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार उनियाल, बहादराबाद एसओ नितेश शर्मा ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी लेने के बाद आलाधिकारियों को घटना से अवगत कराया। सूचना पर एसडीएम पूरण सिंह राणा, सीओ महिला सुरक्षा रीना राठौर, सीओ सदर बहादुर सिंह चौहान, तहसीलदार व आश्रय गृह से जुडे अधिकारी मौके पर पहुंचे।
जिन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद आश्रय गृह में मौजूद अधिकारियों व कर्मियों से घटना की जानकारी ली। बताया जा रहा हैं कि कोई भी घटना के सम्बंध् में सही जानकारी नहीं दे सकें। पुलिस प्रथम दृष्ट्या घटना को सुसाइड मान कर चल रही है। लेकिन सवाल खड़ा हो रहा हैं कि किशोरी ने आश्रय गृह में सुसाइड आखिर क्यों किया? जिसका जबाब आश्रय गृह प्रबंधन के पास नहीं है। पुलिस ने घटना के सम्बंध् में मृतका के परिजनों को सूचित कर दिया। तहसीलदार ने मृतका का पंचनामा भर का पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
किशोरी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही उसकी मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस व प्रशासन को अब मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार रहेगा। बताते चले कि सिडकुल पुलिस के अनुसार बहादराबाद स्थित गांव बौगला की एक किशोर 22 मई को संदिग्ध् परिस्थितियों में लापता हो गयी थी। जिसके सम्बंध् में किशोरी के पिता की ओर से बहादराबाद थाने मे उसकी गुमशुदगी दर्ज करायी गयी थी। पुलिस ने लापता किशोरी को देवबंद से बरामद करते हुए न्यायालय में पेश किया गया था। जहां से किशोरी को आश्रय गृह भेजा गया था। घटना ने आश्रय गृह की व्यवस्था पर प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिये है।
