चोरी में नाकाम रहने पर मोबाइल व बैंक की मोहरे ले उड़े
एक आरोपी बैंक में चोरी मामले में तीन बार हरियाणा में जा चुका जेल
कोतवाली ज्वालापुर पुलिस व सीआईयू की संयुक्त टीम को मिली सफलता
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। जिला सहकारी बैंक की दीवार तोड कर चोरी का प्रयास करने वाले दो आरोपियों को ज्वालापुर पुलिस व सीआईयू की संयुक्त् टीम ने गिरफ्रतार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने बैंक से चोरी किया गया मोबाइल व बैंक की मुहरे आदि बरामद की है। आरोपियों में एक पूर्व में भी तीन बार बैंक चोरी मामले में हरियाणा में जेल जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जिनको मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महेश जोशी ने बताया कि विपुल चौधरी पुत्र इसमपाल सिंह शाखा प्रबंधक जिला सहकारी बैंक ज्वालापुर ने 04 मई को तहरीर देकर शिकायत की थी कि 01 मई की रात को अज्ञात चोरों ने बैंक की दीवार तोड़ कर चोरी करने करने का प्रयास किया था, लेकिन चोर बैंक का स्ट्रांग रूम खोल पाने में कामयाब नहीं हो पाये थे। लेकिन चोर बैंक में रखा मोबाइल फोन व बैंक की मोहर चोरी कर ले उड़े। पुलिस ने बैंक प्रबंधक की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
बैंक में चोरी के प्रयास मामले में सीआईयू टीम को भी शामिल किया गया। सीआईयू टीम ने बैंक से चोरी किये गये मोबाइल की आईएमआई चैक करते हुए बैंक के भीतर व बाहर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद ली गयी। सीसीटीवी कैमरों में हरियाणा नम्बर की कार संदिग्ध् पाई गयी। जिसके सहारे पुलिस व सीआईयू टीम बदमाशों तक पहुंचने में जुट गयी। इसी दौरान रविवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बैंक में चोरी का प्रयास करने वाले दो लोगों को रेगुलेटर पुल के पास देखा गया हैं जोकि किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना पर पुलिस ने बिना वक्त गंवाये सीआईयू टीम के साथ बताये गये स्थल पर दो संदिग्धों को घेर घोट कर दबोच लिया। जिनकी तलाशी लेने पर उनके पास से जिला सहकारी बैंक से चोरी किया गया मोबाइल फोन व उनकी निशानदेही से बैंक की मोहरें बरामद की है।
आरोपियों को कोतवाली ज्वालापुर लाया गया। जहां पर पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना नाम अमित कुमार पुत्र स्व. जगदीश निवासी वार्ड नम्बर 05 चार्ज मौहल्ला सफीदों का नगर जींद हरियाणा और अनिल कुमार पुत्र प्रकाश उर्फ मोटा निवासी खेड़ा खेमावती सफीदों जींद हरियाणा बताते हुए खुलासा किया कि 30 अप्रैल को वह हरियाणा से गंगा स्नान करने आए थे और धर्मशाला में कमरा लेने के बाद उन्होंने बैंक में चोरी करने की योजना बनाई, लेकिन शहर भर के बैंकों की रैकी की गयी। मगर कोई भी बैंक के पास सुनसान जगह नही दिखी जो उनके मुताबिक हो। लेकन जब वह ज्वालापुर क्षेत्र स्थित जिला सहकारी बैंक के पास पहुंचे तो यह बैंक उनके मुताबिक चोरी करने के लिए उपयुक्त लगा।
उन्होंने बहादराबाद पहुंचकर हथौड़ा प कटर आदि औजार खरीदे और रात को उन्होंने में बैंक में सैंध् मारी कर भीतर घुस गये। लेकिन बैंक में रखा स्ट्रांग रूम नहीं तोड़ पाए दिन निकलता देख वह वहां रखा मोबाइल व बैंक की मोहरे आदि समान ले भागे। आरोपियों ने पूछताछ में यह भी खुलासा किया कि अमीत पहले भी बैंक चोरी मामले में तीन बार हरियाणा में जेल जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
