अपराधों का खुलासा होने पर ही घटना की होती हैं जानकारी
अगर खुलासा नहीं हुआ तो घटना का ही नहीं चलता पता
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। पुलिस पर क्षेत्र में होने वाले अपराध को मीडियां से छुपाये जाने की शिकायत अक्सर मीडिया कर्मियों द्वारा की जाती रही है। पुलिस अक्सर क्षेत्र में होने वाली चोरी, लूट, राहजनी, झपटमारी, चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं को मीडियां से छुपा कर रखा जाता है। जब मीडिया रोजना की तरह कोतवाली, थाना व चौकी से सम्पर्क कर कोई खबर होने का प्रयास करती हैं तो उनको सब समान्य बता कर पल्ला झाड़ लिया जाता है।
लेकिन अचानक पुलिस चोरी, लूट, झपट मारी, चेन स्नेचिंग का खुलासा करती हैं तो मीडिया को तब पता चलता हैं कि कोई घटना हुई है। अब ज्वालापुर में नक्षत्र वाटिका में हुई चोरी की घटना को ही ले लो। ज्वालापुर पुलिस ने पीडित की तहरीर पर 26 फरवरी को नक्षत्र वाटिका में बंद मकान में हुई लाखों की चोरी का मुकदमा दर्ज किया। लेकिन इस मुकदमें की जानकारी मीडियां को नहीं दी। लेकिन पुलिस ने 01 मार्च को लाखों की चोरी की घटना का खुलासा कर दो को गिरफ्रतार कर प्रेस नोट जारी कर दिया। लेकिन पीडित द्वारा जिस दिन चोरी की वारदात का मुकदमा दर्ज कराया गया था। लेकिन पीडित द्वारा जिस दिन चोरी की वारदात का मुकदमा दर्ज कराया गया था। उस दिन मीडिया को घटना के सम्बंध में मुकदमा दर्ज करने की जानकारी क्यों नहीं दी गयी?
ऐसा केवल ज्वालापुर कोतवाली पुलिस हीं नहीं करती, बल्कि अक्सर सभी कोतवाली व थाना पुलिस की ऐसी ही नियती बन गयी है। जोकि घटना को छुपाकर सीधा उसका खुलासा कर मीडिया के सामने लाती है। अगर पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर पाती तो मीडियां को घटना का पता ही नहीं चल पाता कि कोई घटना भी हुई है। पुलिस की इस कार्यशैली को लेकर मीडिया कर्मियों में रोष है।
