चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के लिए जनता के बीच नहीं दिखे
मतदान के बाद अपनी मुंह दिखाई की कर रहे रस्म अदायेगी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। हरिद्वार शहर में कांग्रेस के कुछ चिपकू नेता सरकार बनने का 10 मार्च का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। उनको मालूम हैं कि उत्तराखण्ड में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। भले ही उन्होंने चुनाव के दौरान पार्टी प्रत्याशी के लिए क्षेत्र में जनता के बीच आकर वोट ना मांगे हो, लेकिन मतदान सम्पन्न होने के बाद अब वह जनता व पार्टी के बड़े नेताओं को अपनी मुंह दिखाई की रस्म अदायेगी करने में जुटे है।
ताकि सरकार बनते ही अपने आंकाओं की मेहरबानी से सरकार में उनको कोई मलाईदार पद मिल सकें। कुछ ऐसे भी शामिल हैं जोकि मुख्यमंत्री से चिपक कर लोगों में अपना रूतवा दिखा कर छाती फूलाकर अपनी ढिगे हांकते दिखेगेें, यह मत पूछना की वह कौन नेता है। ऐसे चिपकू नेताओं के बारे में जनता, पार्टी के नेता व कार्यकर्ता सभी अच्छी तरह जानते हैं कि वो नेता आखिर कौन है।
कांग्रेस के सत्ता मे आते ही चिपकू नेता अपना स्वार्थ सिद्ध करने में कामयाब हो ही जाते है। ऐसे चिपकू नेताओं की वजह से हरिद्वार शहर में कांग्रेस हर बार कमजोर होती रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना हैं कि ऐसे चिपकू नेताओं का जनता में जनाधार शून्य हैं, उसके बावजूद कांग्रेस के सत्ता में आते ही वह तिगड़म बाजी से मलाईदार पद लेने में कामयाब हो ही जाते है। जबकि कांग्रेस पार्टी के प्रति समर्पित, कर्मठ, ईमानदार और जुझारू नेता व कार्यकर्ता सम्मान से वचिंत रह जाते है।
जबकि सही मायने में देखा जाए तो कांग्रेस के प्रति समर्पित नेता व कार्यकर्ता ही सम्मान के सही हकदार वहीं होते है। ऐसे ईमानदार व कर्मठ नेता व कार्यकर्ताओं पार्टी में अपनी उपेक्षा महसूस करते हुए और सम्मान न मिलने पर वह अब पार्टी से दूर होते देखे जा रहे है। हरिद्वार शहर में कांग्रेस के भीतर इस तरह की स्थिति आम देखी जा सकती है। कांग्रेस पार्टी को ऐसे ईमानदार कर्मठ और लग्नशील नेताओं व कार्यकर्ताओं को आगे लाकर उनको सम्मान से नवाजा जाना चाहिए। ताकि उनके भीतर उत्साह के साथ पार्टी के प्रति काम करने की क्षमता का संचार ओर बढ सकें।
